अस्सी घाट पर प्रियंका गांधी ने लगाए ‘जय हिंद’ के नारे, धर्म और राष्ट्रवाद को साथ साधा

वाराणसी। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी बुधवार को प्रयागराज के मनैया घाट से वाराणसी के अस्सी घाट बोट यात्रा पर पहुंचीं। समर्थकों और कांग्रेस की भारी संख्या के बीच घिरीं प्रियंका ने अस्सीघाट पहुंचकर भारतीय जनता पार्टी की केंद्र सरकार पर जमकर हमला किया। प्रियंका ने वाराणसी में पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमा पर माल्यार्पण भी किया। इसको लेकर सियासी विवाद भी खड़ा हो गया। बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने प्रतिमा पर गंगाजल चढ़ाकर शुद्धिकरण किया।

इस दौरान बीजेपी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच नोकझोंक भी देखने को मिली। प्रियंका को समर्थकों ने इस कदर घेर रखा था कि उन्होंने मंच पर पहुंचने से पहले ही अपना भाषण शुरू कर दिया। इस दौरान उन्होंने ‘जय हिंद’ के नारे भी लगाए जिसे वाराणसी के सांसद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तर्ज पर देखा जा रहा है।

प्रियंका ने अपने भाषण में कहा कि वाराणसी की जनता ने प्यार से उनका स्वागत किया है। उन्होंने कहा, ‘वाराणसी से आप अपनी आवाज उठाइये कि देश को नकारात्मक, किसान विरोधी, जनविरोधी, मजदूर और महिला विरोधी सरकार नहीं चाहिए। आपने पिछले पांच साल में देखा है कि यूपी और देश की क्या स्थित बनी है।’

उन्होंने कहा कि लोग देख रहे हैं कि जब राजनीति का मकसद गलत होता है, लोगों को दबाने का मकसद होता है तो क्या नतीजा होता है। उन्होंने कहा कि राजनीति का असली मकसद सेवा का होता है। अस्सीघाट के बाद प्रियंका ने दशाश्वमेध घाट पर आरती भी की।

आगे बढ़ा रही हैं धर्म और राष्ट्रवाद की नाव

प्रियंका की यात्रा को भारतीय जनता पार्टी को जवाब के तौर पर देखा जा रहा है। प्रियंका न सिर्फ धर्मनगरी वाराणसी और प्रयागराज की यात्रा पर निकली हैं बल्कि ‘जय माता दी’ भी लिखा। उन्होंने बुधवार को अस्सीघाट पर भाषण के दौरान भी पीएम मोदी की तरह ‘जय हिंद’ के नारे लगाए। जानकारों का मानना है कि प्रियंका एक साथ राष्ट्रवाद और धर्म की नींव आगे बढ़ा रही हैं। साथ ही कांग्रेस बीजेपी के गंगा को साफ करने के दावे को भी जांच रही है।

सरकार आई तो मछुआरों के लिए बनेगा मंत्रालय
प्रियंका ने कहा कि उन्होंने बोट से आते वक्त मल्लाह बिरादरी से बात की। उन्होंने बताया, ‘पुल के नीछे 10,000 परिवार हैं, पट्टे छीने गए, नाव का बीमा होना चाहिए, रोजगार नियमित होना चाहिए। ऐसी सरकार होनी चाहिए जो आपकी जरूरत को समझे।’ उन्होंने वादा किया कि केंद्र में सरकार आने पर मछुआरों की समस्याओं के लिए अलग मंत्रालय बनाया जाएगा।

प्रियंका की वाराणसी यात्रा

उन्होंने कहा कि किसान त्रस्त है, कर्ज में डूब रहा है, आत्महत्या कर रहा है। प्रियंका ने कहा, ‘किसानों को मदद नहीं मिलती, समय पर खाद नहीं मिलती। नौजवान त्रस्त हैं, एक भी रोजगार नहीं है। आपको ये वचन दिया गया कि 2 करोड़ नौकरियां दी जाएंगी।’ उन्होंने लोगों से सवाल किया कि क्या वाराणसी में नौकरियां दी गईं।

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