हैदराबाद के प्राध्यापक व प्रोफेसर कृष्णमूर्ति सुब्रह्मण्‍यम बने मुख्य आर्थिक सलाहकार

नई दिल्ली : 

इस साल की शुरुआत में अरविंद सुब्रह्मण्‍यम के करीब साढ़े चार साल बाद वित्त मंत्रालय छोड़ने के बाद से मुख्य आर्थिक सलाहकार का पद खाली था. कृष्णमूर्ति सुब्रह्मण्‍यम का कार्यकाल 3 साल का होगा.

एक सरकारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, ‘‘नियुक्ति मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने डॉ. कृष्णमूर्ति सुब्रह्मण्‍यम की मुख्य आर्थिक सलाहकार के तौर पर नियुक्ति को मंजूरी दी है. वो आईएसबी, हैदराबाद में सहायक प्राध्यापक हैं.”

कृष्णमूर्ति सुब्रह्मण्‍यम का परिचय

सुब्रह्मण्‍यम ने शिकागो यूनिवर्सिटी के बूथ स्कूल ऑफ बिजनेस से पीएचडी (वित्तीय अर्थशास्त्र) की है और आईआईएम कोलकाता और आईआईटी कानपुर के पूर्व छात्र हैं. वो बैंकिंग, कॉर्पोरेट गवर्नेस और आर्थिक नीति के विशेषज्ञ हैं.

आईएसबी की वेबसाइट के मुताबिक, उन्होंने भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) की कार्पोरेट गवर्नेस की विशेषज्ञ समितियों में और भारतीय रिजर्व बैंक की विशेषज्ञ समितियों में अपनी सेवाएं दी है, जो उन्हें कॉपोर्रेट प्रशासन और बैंकिंग सुधारों के एक प्रमुख वास्तुकार के रूप में स्थापित करता है.

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