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JNU बवाल : यौन उत्पीड़न के आरोपी प्रोफेसर जौहरी को मिली जमानत

नई दिल्ली : जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के प्रोफेसर अतुल जौहरी को कई छात्राओं के कथित यौन उत्पीडऩ के मामले में आज गिरफ्तार किया गया। हालांकि इसके बाद उन्हे जमानत भी मिल गई।

संयुक्त पुलिस उपायुक्त अजय चौधरी ने बताया कि आरोपी को एक अदालत में पेश किया गया। कुछ छात्राओं द्वारा प्रोफेसर पर यौन उत्पीडऩ के आरोप लगाये जाने के बाद छात्र, प्रोफेसर और महिला अधिकार संगठन उनकी गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। आठ छात्राओं में से एक की शिकायत पर स्कूल ऑफ लाइफ साइंसेज के प्रोफेसर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी गयी थी।

छात्रों ने थाने का किया घेराव : सोमवार को जेएनयू के सैकड़ों छात्रों ने देर शाम वसंत कुंज थाने का घेराव किया और वसंत कुंज थाने के पास की सड़क को घंटों जाम कर प्रदर्शन किया।

इस बीच प्रोफेसर की गिरफ्तारी की बात सामने आने पर छात्रों ने खुशी भी मनाई, लेकिन कुछ देर बाद जब उन्हें पता चला कि यह बात झुठी है तो छात्र भड़क गए। और देर शाम छात्रों ने जुलूस की शक्ल में वसंत कुंज थाने की ओर कूच किया। प्रदर्शनकारी छात्रों ने थाने के पास पहुंच कर प्रोफेसर की गिरफ्तार की मांग की। बाद में छात्र वसंत कुंज थाने के बाहर सड़क पर धरने पर बैठ गए। इस दौरान पुलिसकर्मियों और छात्रों के बीच हल्की झड़प भी हुई।

छात्रों ने दी धरने ​की चेतावनी : छात्रसंघ की अध्यक्ष गीता का कहना है कि पुलिस के समक्ष चार छात्राओं ने प्रोफेसर अतुल जौहरी के खिलाफ शिकायत दी थी लेकिन पुलिस ने एक ही लड़की के बयान पर एफआईआर दर्ज किया है। उन्होंने स्थानीय पुलिस पर जेएनयू प्रशासन के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया है। छात्र संघ ने चेतावनी दी है कि यदि प्रोफेसर जौहरी को गिरफ्तार नहीं किया गया तो छात्र सड़क पर ही धरने पर बैठे रहेंगे। धरना तभी समाप्त होगा जब प्रोफेसर को गिरफ्तार कर लिया जाता है।

जेएनयू प्रोफेसर की गिरफ्तारी क्यों नहीं : स्वाति
दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने जेएनयू में प्रोफेसर द्वारा 9 लड़कियों से छेड़छाड़ के मामले में पुलिस की प्रतिक्रिया पर चिंता जाहिर की है। स्वाति ने कहा कि 9 लड़कियों के साथ छेड़छाड़ का यह मामला काफी हैरान करने वाला है। सबसे बड़ी बात यह कि दिल्ली पुलिस ने अभी तक आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया है।

उन्होंने कहा कि युवा लड़कियों की सुरक्षा को लेकर यह चिंता वाली बात है। आयोग ने पुलिस से इस मामले की जांच और आरोपी को गिरफ्तार नहीं करने का कारण पूछा है। वहीं जेएनयू के रजिस्ट्रार को नोटिस जारी कर इंटर्नल कमेटी की ओर से इस मामले में की कार्रवाई ओर आरोपी प्रोफेसर के ऊपर पहले कभी कोई इस तरह के आरोप लगे हैं इसकी जानकारी मांगी है।

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