मूल सेवा पुस्तिका में छल कपटकरने वाले का प्रमोशन

विकास खंड शिक्षा अधिकारी जैजैपुर के यहां जानकारी प्रेषित किया गया

धनेश्वर साहू

जैजैपुर। आदिवासी लोग भोले भाले एवं ईमानदार होते हैं लेकिन यह अधिकारी ना तो भोला-भाला है न ईमानदार है बल्कि यह छल कपट करने वाला एवं स्वार्थी है।

जनपद पंचायत जैजैपुर के अंतर्गत ग्राम पंचायत जमडी के हाई स्कूल में गणेशराम खूटे व्यापम पंचायत शिक्षक का स्नातक एवं स्नातकोत्तर संस्कृत विषय में फर्जी अंकसूची पाए जाने पर जिला पंचायत जांजगीर चांपा के द्वारा सत्यापन किया गया था।

विकास खंड शिक्षा अधिकारी जैजैपुर के यहां जानकारी प्रेषित किया गया। विकास खंड शिक्षा अधिकारी ने जांच पड़ताल किया जिसमें सत्यापन में गणेशराम खूंटे का अंकसूची फर्जी एवं बनावटी पाए जाने से उनके खिलाफ जिला शिक्षा अधिकारी शक्ति को पत्र व्यवहार किया गया।

जहां पर जिला शिक्षा अधिकारी शक्ति ने गणेशराम खूटे के खिलाफ और भी प्रकरण को देखते हुए जांच पड़ताल किया जहां पर जिला शिक्षा अधिकारी के आश्वासन पर विकास खंड शिक्षा अधिकारी जैजैपुर को लिखित माफीनामा प्रस्तुत किया गया।

लेकिन मजेदार बात यह है कि यहां पर कार्यालय में तत्कालीन विकास खंड शिक्षा अधिकारी बी एक्का रहे उसके कार्यकाल के समय में किसी भी स्टाफ ने गणेशराम खूंटे के मूल सेवा पुस्तिका एवं द्वितीय सेवा पुस्तिका में अलग-अलग अधिकारियों द्वारा प्रविष्टि दर्ज कर प्रमाणित कर हस्ताक्षर करने के संबंध में लिखा गया था।

लेकिन बी एक्का का तत्कालीन विकास खंड शिक्षा अधिकारी जैजैपुर ने गणेशराम खूटे का स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर की शैक्षणिक योग्यता की श्रेणी में कूटरचना किया जिनके वजह से तृतीय स्थान के जगह पर द्वितीय स्थान और द्वितीय स्थान के जगह में प्रथम स्थान की प्रविष्टि की गई।

वहीं पर b.a. का द्वारा सेवा पुस्तिका के अंदर के पृष्ठों में नियुक्ति अनुमति क्रमोन्नति पदोन्नति आदि की प्रविष्टियां दर्ज कर प्रमाणित किया गया।

बता दें कि ना तो विकासखंड में लिपिक था ना ही कोई बाबू इस तरह से स्वयं के हस्ताक्षर से अवैध पत्र जारी किया गया वहीं पर जिला शिक्षा अधिकारी शक्ति ने भी बी एक्का द्वारा हस्ताक्षर किया जाना।

प्रथम दृष्टिया त्रुटिपूर्ण होने के कारण उन्हें नोटिस प्रदान किया गया जहां पर भी बी एक्का के द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी शक्ति को हस्ताक्षरयुक्त पत्र प्रस्तुत किया गया अब यह देखना है कि दोषी तत्कालीन विकास खंड शिक्षा अधिकारी जैजैपुर बी एक्का हैं।

उनके ऊपर क्या कार्यवाही जिला शिक्षा अधिकारी सक्ती करते हैं क्या FIR दर्ज करते हैं क्या उन्हें बर्खास्त करते हैं लेकिन बता दें कि मजेदार बात यह है कि तत्कालीन विकास खंड शिक्षा अधिकारी का प्रोमोशन उपसंचालक बस्तर हो गया है जो आदमी छल कपट करता है उनका पदोन्नति होता है ना की बर्खास्त ।ऐसे अधिकारी को तो जेल में होना चाहिए।

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