वंदना पॉवर की 603 करोड़ की संपत्ति अटैच

कोयला घोटाले में ईडी की छत्तीसगढ़ में सबसे बड़ी कार्रवाई

रायपुर : कोल आवंटन मामले में प्रर्वतन निदेशालय ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने वंदना विद्युत लिमिटेड की 603 करोड़ की संपत्ति अटैच कर ली है। प्रदेश में कोयला घोटाला मामले में ये अब तक सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।

इस मामले में ईडी ने कंपनी के डायरेक्टर विनोद अग्रवाल, गोपाल अग्रवाल व अंबरीश गुप्ता के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य पाए थे, जिन्होंने कूटरचना के आधार कोल ब्लाक हासिल किए जाने के दस्तावेज हाथ लगे थे। इस मामले में सीबीआई जांच भी चल रही है। बता दें कि इस मामले में सीबीआई ने वंदना विद्युत लिमिटेड के खिलाफ साल 2015 में मनी लांड्रिंग का केस रजिस्टर्ड करते हुए जांच शुरू की थी।

फर्जी दस्तावेज से हासिल किया था कोल ब्लाक

फर्जी दस्तावेज तैयार कर कोल आवंटन में कंपनी ने 37 करोड़ के अपने टर्नओवर को 238 करोड़ बता दिया था, ताकि कंपनी का मजबूत इकॉनमी स्ट्रक्चर बताकर कोल ब्लाक हासिल किया जाय सके, क्योंकि कोल ब्लाक के आवंटन की शर्तों में 270 करोड़ का टर्न ओवर होना जरूरी थी, जो वंदना के पास नहीं था।

कोल इंडिया के अफसर भी हैं शक के दायरे में

बताया जा रहा है कि कई अन्य फर्जी दस्तावेज का इस्तेमाल कर कोल अफसरोंं की मिलीभगत से पूरे फर्जीवाड़ा का अंजाम दिया। फर्जी तरीके से कोल ब्लाक हथियाने के बाद वंदना ग्रुप से उससे अनाप शनाप प्रोडक्शन लिया। ईडी के दस्तावेज के मुताबिक करीब 603 करोड़ की पूंजी इससे तैयार की गई जिसे शेयर के साथ कई जगहों पर इन्वेस्टमेंट भी किया गया। इसी फर्जीवाड़े को लेकर ईडी ने ये बड़ी कार्रवाई की है।

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