राष्ट्रीय

दिल्‍ली की अवैध कॉलोनियों को पास करने संबंधी प्रस्‍ताव हुआ पारित

दिल्ली की 1728 अवैध कॉलोनियों को पक्का करने की मंजूरी

नई दिल्‍ली:दिल्ली भूमि सुधार अधिनियम 1954 की धारा 81 के तहत ऐसे ग्रामीण क्षेत्रों के भू-स्वामियों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही का प्रावधान था, जिन्होंने निजी कृषि भूमि का उपयोग कृषि कार्य व बागवानी के अतिरिक्त अन्य उद्देश्य के लिए किया हो.

उपराज्यपाल के धारा 81 के तहत दर्ज सभी मामलों को वापस लेने के आदेश से इन कालोनियों के निवासियों को बहुत बड़ी राहत मिलेगी और उन्हें किसी कानूनी अड़चन का सामना नहीं करना पड़ेगा.

वहीं मोदी कैबिनेट ने दिल्‍ली की अवैध कॉलोनियों को पास करने संबंधी प्रस्‍ताव को पारित कर दिया है. उधर, दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने दिल्ली की 1728 अवैध कॉलोनियों को पक्का करने की मंजूरी दे दी है. इसके अलावा राजधानी के 79 गांवों के शहरीकरण को भी मंजूरी दी गई है.

केंद्र सरकार की ओर से इस संबंध में पिछले दिनों वादा किया गया था. उपराज्यपाल ने ट्वीट किया कि पीएम-UDAY यानी प्रधानमंत्री अनऑथराइज्ड कॉलोनीज इन दिल्ली आवास अधिकार योजना के तहत इसे मंजूरी दी गई है. सरकार की मंजूरी के बाद अब दिल्ली की अवैध कॉलोनियों में रह रहे लोग अपने घरों को रजिस्ट्री करा सकेंगे.

केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने पीएम उदय योजना के तहत दिल्ली की अनाधिकृत कालोनियों के निवासियों को भू-स्वामित्व का अधिकार देने के लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली (रिक्गनेशन ऑफ प्रोपर्टी राइटस इन अनऑथराइज्ड कालोनी) रेग्युलेशन 2019 पास किया है.

उपराज्यपाल ने कहा कि इस महत्वपूर्ण कदम से पीएम उदय योजना के लिए गए निर्णयों के परिप्रेक्ष्य में दिल्ली की नियमित की गई अनधिकृत कालोनियों के निवासियों को संपत्ति का भू-स्वामित्व प्राप्त हो सकेगा और इन कालोनियों का तेजी से विकास होगा.

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