सरदार वल्लभभाई पटेल की विशालकाय प्रतिमा का आदिवासी नेता के किया विरोध

31 अक्टूबर को चूल्हे बुझा कर और उपवास रख कर इस परियोजना के प्रति विरोध जतायेंगे

भरूचः

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गृह राज्य गुजरात में सरदार वल्लभ भाई पटेल की विशालकाय प्रतिमा ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ लोकार्पण के बाद गुजरात के प्रमुख आदिवासी नेता तथा भारतीय ट्राइबल पार्टी के विधायक छोटू वसावा ने इसका विरोध किया ।

दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा स्टेच्यू ऑफ यूनिटी परियोजना 182 मीटर ऊंची सरदार वल्लभभाई पटेल की इस प्रतिमा को नर्मदा जिले के केवड़यिा के निकट नर्मदा नदी के साधु द्वीप में स्थापित किया गया है।

क्या कहा वासवा ने

सरकार का दावा है कि इससे इस क्षेत्र का अभूतपूर्व विकास होगा। वसावा ने कहा कि सरदार पटेल सभी के लिए आदरणीय हैं और उनकी प्रतिमा दिल्ली में स्थापित होनी चाहिए थी और इसकी ऊंचाई 500 मीटर होनी चाहिए थी।

पर आदिवासी क्षेत्र में इसे स्थापित करना ठीक नहीं है क्योंकि इससे वहां होटल, मॉल और अन्य आधुनिक चीजें खुलेंगी जिनसे आदिवासी संस्कृति पर प्रतिकूल असर पड़ेगा।

विरोध की दी चेतावनी

पूर्व में गुजरात जद यू के अध्यक्ष रहे वसावा ने कहा कि आदिवासी 31 अक्टूबर को चूल्हे बुझा कर और उपवास रख कर इस परियोजना के प्रति विरोध जतायेंगे। उल्लेखनीय है कि पिछले चुनाव से पहले भारतीय ट्राइबल पार्टी बनाने वाले वसावा के दल ने कांग्रेस के साथ समझौता कर 2 सीटें जीती थीं। वसावा को कांग्रेस के राज्यसभा सांसद अहमद पटेल का करीबी माना जाता है।

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