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महाराष्ट्र के हिंगोल में दूध के टैंकर को आग के हवाले कर किया विरोध प्रदर्शन

किसानों को दूध की ज्यादा कीमत देने की मांग को लेकर महाराष्ट्र में आंदोलन तेज हो रहा

नई दिल्ली: महाराष्ट्र में दूध उत्पादक किसानों और दूध संघों ने दूध के ख़रीद मूल्य में बढ़ोतरी की मांग को लेकर आंदोलन शुरू कर दिया है. किसानों को दूध की ज्यादा कीमत देने की मांग को लेकर महाराष्ट्र में आंदोलन तेज हो रहा है.

स्वाभिमानी शेतकरी संगठन की ओर से दूध उत्पादक किसानों को दूध और दूध पाउडर के लिए ज्यादा कीमत दिए जाने की मांग को लेकर आंदोलन करने का ऐलान किया गया था और अब इस मुहिम में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने भी दूध उत्पादक किसानों के लिए आंदोलन करने की बात कही है.

BJP भी कर रही प्रदर्शन

बीजेपी और राष्ट्रीय समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बारामती में उद्धव ठाकरे सरकार के खिलाफ नारे लगाते हुए तहसील कार्यालय पर हमला बोला. किसानों ने तहसील कार्यालय के सामने दूध फेंककर राज्य सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया.

हालांकि तहसील कार्यालय में आंदोलन कर रहे 5 कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. बारामती के साथ-साथ इंदापुर में भी पूर्व मंत्री हर्षवर्धन पाटील ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को दूध की केतली भेंट देते हुए दूध उत्पादक किसानों की खरीद रेट बढ़ाने की मांग की.

पुणे में भी दूध के दाम में 10 रुपये की बढ़ोतरी किए जाने की मांग की जा रही है. किसानों को मुआवजा देने की मांग करते हुए सांसद गिरीश बापट, पूर्व विधायक जगदिश मुलिक ने पुणे के जिलाधिकारी नवल किशोर राम को दूध की थैली भेंट देते हूए दूध के दाम बढ़ाने की मांग की. दूध के दाम में 10 रुपये की बढ़ोतरी के साथ दूध पाउडर के लिए 50 रुपये अनुदान देने की मांग को लेकर उद्धव सरकार के खिलाफ आंदोलन किया जा रहा है.

आज दूध लेकर नहीं जाएंगे किसान

स्वाभिमानी शेतकरी संगठन के संस्थापक अध्यक्ष और पूर्व सांसद राजू शेट्टी ने आजतक को बताया के मंगलवार के दिन पूरे महाराष्ट्र के दूध उत्पादक किसान अपनी गाय-भैंस का दूध, कलेक्शन सेंटर पर नहीं पहुंचाएंगे. राज्य में रोजाना गाय का 1 करोड़ 19 लाख लीटर संकलन होता है जबकि भैंस का 11 लाख लीटर दूध संकलन होता है.

उन्होंने कहा कि आज गाय के दूध के लिए किसानों को 21 रुपये प्रति लीटर दिया जा रहा है लेकिन अब किसानों को प्रति लीटर 10 रुपये बढ़ाकर देने की मांग की जा रही है. इस संबंध में मंगलवार दोपहर को राज्य सरकार के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये बैठक होनी है.

दूध उत्पादक किसानों के लिए राजू शेट्टी की चार मांगें है- पहला, प्रति लीटर 10 रुपये की बढ़ोतरी, दूसरा, केंद्र सरकार से मांग है कि 10 हजार टन दूध पाउडर आयात करने निर्णय का तुरंत रद्द किया जाए. तीसरा, दूध पाउडर निर्यात करने के लिए केंद्र सरकार किसान को प्रति किलो 30 रुपये इंसेंटिव्स दे. चौथा, दूध से बनाए जाने वाले खाद्य पदार्थों पर जीएसटी खत्म की जाए.

दूध व्यवसाय से जुड़े जानकारों के मुताबिक, जनवरी 2020 तक देश में दूध और दूध पाउडर की कमी थी. डेयरी उस समय किसानों से 35 रुपये प्रति लीटर गाय का दूध खरीद रही थी. इसलिए आयात करने का निर्णय हुआ और मदर डेयरी ने इसके लिए सरकार से अनुमति मांगी थी और उसे इजाजत मिल भी गई थी.

लॉकडाउन से हुई दिक्कत

लेकिन इस बीच कोरोना महामारी की वजह से देश लॉकडाउन में चला गया और ज्यादातर दूध किसानों के पास ही रहने लगा क्योंकि खपत ही कम हो गई. आज गाय के दूध का भाव 19 से 25 प्रति लीटर भाव है जबकि भैंस के दूध की कीमत 39 रुपये प्रति लीटर किसान को मिल रही है.

मांग की जा रही है कि दूध पाउडर निर्यात करने के लिए राज्य और केंद्र सरकार को मिलकर दूध उत्पादकों को 50 रुपये प्रति किलो कर देना चाहिए. राज्य में पिछली सरकार ने निर्यात करने के लिए दूध उत्पादकों को 50 रुपये प्रति किलो देने का वादा किया था लेकिन उसे पूरा नहीं किया गया.

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