राष्ट्रीय

प्रदर्शनकारियों को कोरोना का नहीं डर,नागरिकता कानून विरोधी प्रदर्शन जारी

लखनऊ: कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के मद्देनजर सरकार और आम लोग, सभी संक्रमण के रोकथाम में जुटे हैं लेकिन लखनऊ के घंटाघर पर लंबे वक्त से चल रहा नागरिकता कानून विरोधी प्रदर्शन जारी है और प्रदर्शनकारी न हटने की जिद पर अड़े हैं.

टकराव की ये स्थिति तब है जब उत्तर प्रदेश सरकार ने अपने ताजा फैसले में धरना प्रदर्शनों पर रोक लगा दी और प्रदर्शनकारियों से हटने की अपील की है.

लोग ज्यादा से ज्यादा संख्या में धरना स्थल पर जमा हो रहे हैं. देश में कोरोना वायरस के असर को देखते हुए भी ये सही नहीं माना जा रहा है. आज उत्तर प्रदेश कैबिनेट की बैठक में भी 5 अहम प्रस्ताव पास किए गए हैं.

श्रीकांत शर्मा (सरकार का प्रवक्ता) ने आज कैबिनेट बैठक में इस बात की जानकारी दी कि प्रदेश में किसी भी तरह के धरना प्रदर्शन पर सरकार ने रोक लगा दी है.

डिप्टी सीएम केशव मौर्या, कैबिनेट मिनिस्टर श्रीकांत शर्मा, कैबिनेट मिनिस्टर भूपेंद्र चौधरी, कैबिनेट मिनिस्टर ब्रजेश पाठक ने भी धरने पर बैठे लोगों से अपील की और कहा, “संकट की इस घड़ी में ज़िद छोड़ो , संकट की इस घड़ी में आपका जीवन बहुमूल्य है.आप अपने और बाकी लोगों के लिए जिद छोड़ कर अपना धरना खत्म करें. आपके मुद्दे जरूरी हो सकते हों लेकिन ये समय सावधानी बरतने का है”.

सरकार की लाख कोशिशों के बाद भी धरना प्रदर्शनकारियों के कानों पर जूं नहीं रेंग रही है. ये प्रदर्शनकारी पुलिस या सरकार की कोई बात मानने को तैयार नहीं हैं. इनका कहना है कि किसी भी हाल में वह लोग नहीं हटेंगे और धरना देते रहेंगे.

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