छत्तीसगढ़

शासकीय उच्च प्राथमिक शाला लांती में विद्यार्थियों को आत्मरक्षार्थ कराते

सोनू सेन:

सरायपाली: बी ई ओ सरायपाली आई. पी. कश्यप के मार्गदर्शन में ब्रूसली की जयंती के अवसर पर शासकीय उच्च प्राथमिक शाला लांती में विद्यार्थियों को आत्मरक्षार्थ कराते एसोसिएसन ऑफ इंडिया (KAI) द्वारा ब्लैक बेल्ट शो- डॉन की उपाधि होल्डर एवं राष्ट्रीय प्लेयर, कराते मास्टर यशवंत कुमार चौधरी द्वारा दिया गया।

मार्शल आर्ट (कराते ) का प्रशिक्षण एवं किया गया ब्रूसली को याद…मार्शल आर्ट के बादशाह, कलाकार,फ़िल्म निर्देशक,जीत कुन डो अवधारणा के संस्थापक “ब्रूसली” का नाम पूरे विश्व में प्रसिद्ध है जिनका जन्म 27 नवम्बर 1940 को हुआ तथा 7 हॉलीवुड फ़िल्में करने की वजह से हॉलीवुड हॉल ऑफ़ फेम में इनका फोटो शुमार किया गया और 20 जुलाई 1973 को हैरत अंगेज प्रतिभा दिखाने वाले ब्रूसली ने दुनिया को अलविदा कह दिया, वे गामा पहलवान के फैन रहे उनकी किक – पंच की रफ़्तार काफी तेज रही.

वास्तव में देखा जाए तो कलरीपाट्टू नामक विद्या ही आगे चलकर आधुनिक जगत में मार्शल आर्ट का स्वरूप लिया मार्शल आर्ट/युद्ध कलाएँ विधिबद्ध अभ्यास की प्रणाली और बचाव की पारम्परिक प्रशिक्षण है. जिसका उद्देश्य- खुद की और दूसरों की रक्षा/बचाव करना है| इसे विज्ञान व कला दोनों का समन्वित रूप माना जाता है|

कुंग्फू- कराते इसके ही शाखा माने जाते हैं.इन कलाओं में तकनीक एवं प्रबंधन,एकाग्रता, आत्मसन्तुलन का महत्त्व काफी अधिक होता है | मार्शल आर्ट से शारीरिक ही नहीं अपितु मानसिक आध्यात्मिक शक्ति का विकास भी होता है |इस अवसर पर काता का प्रदर्शन किया गया तथा किक- पंच चलाने का अभ्यास कराकर इसकी बारीकियों से अवगत कराया गया.

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