आने वाली नौकरियों में 10 फीसदी सवर्ण आरक्षण का होगा प्रावधान

जागेश्वर सिन्हा

बालोद।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार ने आर्थिक तौर पर कमजोर सवर्णों को सरकारी नौकरियों में 10 फीसदी आरक्षण देने का फ़ैसला किया है।

सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए लाया गया संविधान (124वां संशोधन) विधेयक लोकसभा के बाद राज्यसभा से भी पास हो गया है।

सबका साथ, सबका विकास के सिद्धांत को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और विधेयक का समर्थन करने वाले सभी सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुवे भारतीय जनता पार्टी जिला बालोद ने विधेयक का स्वागत किया है।

भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष लेखराम साहू ने कहा कि, आर्थिक आधार पर सवर्ण वर्ग को 10% का आरक्षण एक-समावेशी और ऐतिहासिक आरक्षण है।

विधेयक का स्वागत करते हुवे लघु वनोपज संघ के जिलाध्यक्ष यज्ञदत्त शर्मा ने बताया कि, देश की नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार का सबका साथ, सबका विकास मूल मंत्र है और सरकार की योजनाओं और कार्यक्रमों में ये मंत्र बखूबी दिखता है।

भारतीय जनता पार्टी के महामंत्री कृष्णकांत पवार ने बताया कि, संविधान संशोधन विधेयक के बाद समाज के सभी वर्गों के ग़रीब लोगों को शिक्षा और रोजगार का मौका मिलेगा।

भारतीय जनता पार्टी के महामंत्री देवेंद्र जायसवाल ने कहा कि, सबका साथ, सबका विकास की संकल्पना को साकार करते हुए आर्थिक रूप से गरीब सवर्णो को 10% आरक्षण की श्रेणी में लाना एक साहसिक और युगान्तरकारी निर्णय है।

जिला योजना समिति के सदस्य और पार्षद नितेश वर्मा ने बताया कि, अधिसूचना जारी होने के बाद गरीब सवर्ण भी केंद्र सरकार की नौकरियों और केंद्रीय संस्थानों में प्रवेश पा सकेंगे। अब आने वाली नौकरियों में 10 फीसदी सवर्ण आरक्षण का प्रावधान होगा।

सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने की व्यवस्था को सामाजिक न्याय के क्षेत्र में क्रांतिकारी कदम बताते हुवे विनोद कौशिक, शरद ठाकुर, गिरजेश गुप्ता, राजीव शर्मा, अमित दुबे, लोकेश श्रीवास्तव, दीपक लोढा, जीतू निर्मलकर, राकेश यादव (छोटू), मनोज चांडक, मुरारीलाल चंदन, नरेंद्र सोनवानी, मोहित देशमुख आदि ने हर्ष व्याप्त किया है।

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