लोक सेवा गारंटी अधिनियम: घर से भी ऑनलाइन आवेदन की सुविधा से मिल रहा त्वरित लाभ

लोक सेवा गारंटी अधिनियम में 84 प्रतिशत आवेदनों का निराकरण

रायपुर : छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा लोक सेवा गारंटी अधिनियम में ऑनलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध कराए जाने के बाद आम नागरिकों को नागरिक सेवाओं का तेजी से लाभ मिल रहा है। आवेदकों को च्वाईस केन्द्रों के अलावा घर से ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध होने के बाद अधिनियम के तहत प्राप्त आवेदनों की संख्या में भी आशातीत वृद्धि हुई है।

लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत शासकीय विभागों के जरिए लोगों की मिल रही सुविधाओं का लाभ तेजी से दिलाने के लिए अब आम नागरिक च्वाईस केन्द्रों के अलावा अपने घरों से आन लाइन आवेदन की सुविधा दी जा रही है। इसके लिए आम नागरिक ई-डिस्ट्रिक्ट वेबपोर्टल पर (मकपेजतपबजण्बहेजंजमण्हवअण्पद) आवेदन दर्ज करा सकते हैं।

इस वेब पोर्टल के माध्यम से प्रमाण पत्र-आय, जाति, मूल निवास, जन्म मृत्यु, गोमास्ता लाइसेंस, खाद्य विक्रेता, राशनकार्ड, विभिन्न पेंशन योजनाएं वृद्धावस्था, विधवा पेंशन आदि से संबंधित आवेदन दर्ज किए जा सकते हैं। सूचना का अधिकार, सीमांकन, नामांकन सहित विभिन्न विभागों की चिन्हित नागरिक सेवाओं के लिए आवेदन दिए जा सकते हैं।

राज्य सरकार लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत् आम नागरिकों को नागरिक सेवाओं से लाभान्वित करने प्रभावी कदम उठा रही है। नागरिकों को सुविधाओं का तेजी से लाभ दिलाने के लिए संभागीय कमिश्नरों को चिन्हित सेवाओं के आवेदनों के निराकरण की सतत् मानिटरिंग की जिम्मेदारी दी गई है।

नई सरकार के गठन के बाद लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत विभिन्न विभागों से मिलने वाली सेवाओं से संबंधित आवेदनों के निराकरण में तेजी आई है। एक जनवरी से 15 मई 2019 तक कुल छह लाख 43 हजार 488 आवेदन मिले, इनमें से 5 लाख 44 हजार आवेदनों का समय-सीमा में निराकरण किया गया, जो प्राप्त कुल आवेदनों का 84 प्रतिशत है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल आगामी 3 जून को कलेक्टर कांफ्रेंस में राज्य सरकार के महत्वपूर्ण फैसलों और निर्णयों के क्रियान्वयन के साथ ही लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत आवेदनों के निराकरण की भी समीक्षा करेंगे। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में नई सरकार गठित होने के साथ ही उन्होंने जिला कलेक्टरों को पत्र लिख कर आम नागरिकों को विभिन्न विभागों से मिल रही सुविधाओं का लाभ तेजी से दिलाने के लिए निर्देश दिए थे।

लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत पिछले जनवरी से मार्च 2019 तक की अवधि में समय-सीमा में निराकृत आवेदनों का प्रतिशत बढ़कर 79 प्रतिशत हुआ, जबकि अक्टूबर से दिसम्बर की अवधि में निराकृत आवेदनों का प्रतिशत 73 प्रतिशत था। इस प्रकार जनवरी से मार्च की अवधि में निराकरण में छह प्रतिशत की तेजी आई।

वहीं जनवरी से 15 मई 2019 की अवधि में निराकरण की स्थिति और बेहतर होकर 84 प्रतिशत हो गई। राजस्व विभाग द्वारा इसी अवधि में कुल एक लाख 54 हजार 196 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से एक लाख 40 हजार 851 आवेदनों का समय सीमा में निराकरण हुआ है, जो प्राप्त आवेदनों का 91 प्रतिशत है।

लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत राज्य में विभिन्न विभागों के द्वारा 125 से अधिक नागरिक सेवाएं निर्धारित समय सीमा में तय की गई हैं। नागरिकों को जनपयोगी सेवाओं की उपलब्धता के लिए 8000 से अधिक लोक सेवा केन्द्र स्थापित किए गए हैं। इनमें से 175 लोक सेवा केन्द्र कलेक्टोरेट और तहसील कार्यालयों में तथा शेष लोक सेवा केन्द्र पंचायतों में स्थापित किए गए हैं।

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