नकली दवाओं से जनता त्रस्त : सरकारी अमला घूसखोरी में मस्त

रायपुर : राज्य सरकार जनस्वास्थ्य को लेकर कितना सजग है इसका खुलासा इसी बात पर हो जाता है कि दवा खरीदी करने वाला ही रिश्वत खोरी के इल्जाम में पकड़ा गया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता एवं संचार विभाग के सदस्य सुरेन्द्र शर्मा ने कहा दुर्भाग्य से छत्तीसगढ़ से पूर्व और वर्तमान स्वास्थ्य मंत्री जनता के स्वास्थ्य की जगह स्वंय के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते है।

नेत्र शिविर में आंख फूट जाना, स्मार्ट कार्ड के लिये कंुवारी लड़कियों का गर्भाशय निकाल लेना परिवार कल्याण योजना में नसबंदी के समय 13 महिलाओं का काल के गाल में समा जाना ही काफी नहीं था। अब नशीली दवाओं के कारोबार ने समूचे छत्तीसगढ़ में अपना पैर पसार लिया है।

दुर्भाग्य जनक स्थिति है जिस दुकानदार की दुकान अवैध कारोबार में सील किया उसे ही रोकथाम के लिये बैठक में बुलाया गया। संवेदन हीनता की पराकास्ठा के लिये प्रसिद्ध निजी अस्पताल विधायक के रकम जमा करने पर ही शव प्रदान करते है वह भी भाजपा का विधायक है तब।

प्रवक्ता सुरेन्द्र शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता आये दिन कष्ट और अपमान सहने को मजबूर कभी ठेला में स्वजनों का शव ढोने कमी बरामदें में प्रसव के लिये मजबूर होगा। बार-बार नक्सली हमलों के बाद भी जगदलपुर में घायलों का समुचित प्रबंधन न होना राज्य सरकार के विकास के सामने प्रश्न बन कर खड़ा है।

दारू से छत्तीसगढ़ पहले से बर्बाद है अब दवा भी दर्द का कारण बन गया है। इसे रोकने के लिये सिर्फ कानून नहीं संकल्प की जरूरत है। रायपुर में कृत्रीम जंगल बना कर शेर की सवारी करने वाली सरकार सुपेबेड़ा में आज भी लोगो को स्वच्छ पेयजल के अभाव में मरने दे रहे है मानो वे आदमी नहीं सिर्फ आंकड़े है।

प्रतिबंधित एल्प्राजोलय, बुप्रिनाॅर्फिन, क्लोरडाइ, जीपाॅक्साइड, कोडीन, डायाजिपाम, नाइट्राजीपाम और जोलपाईडैम साॅल्ट से बनी बनी दवाईयां खुले आम बिक रहे है और अवयस्क बच्चे बर्बाद हो रहे है। अस्पतालों का निजीकरण एवं शराब का सरकारी करण, शिक्षा का निजीकरण और शराब का सरकारी करण इस सरकार की प्राथमिकता है।

प्रवक्ता सुरेन्द्र शर्मा ने भाजपा के मंत्री विधायक और नेताओं को शासकीय अस्पताल में इलाज कराने एवं सरकारी शालाओं में अपने बच्चों को पढ़ाने की चुनौती देते हुये पूछा कि जो चिकित्सालय और विद्यालय आपके एवं आपके बच्चों के लिये ठीक नहीं है वह आम जनता के लिये कैसे ठीक हो सकता है यह विचारणीय है।

advt
Back to top button