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दाल के दाम ने पकड़ी चाल, त्योहारी सीजन में बिगड़ा रसोई का बजट

नई दिल्ली. बरसात के चलते पहले प्याज, लहसुन, टमाटर और हरी सब्जियों की महंगाई ने आम उपभोक्ताओं की जेब काटी, लेकिन अब दालों के दाम बढ़ने से इस त्योहारी सीजन में गृहणियों के रसाई का बजट बिगड़ गया है। बीते एक सप्ताह में देश के प्रमुख बाजारों में उड़द के दाम में 450-850 रुपये प्रति क्विंटल का इजाफा हुआ है। उड़द के साथ-साथ मूंग, मसूर और चना के दाम में भी वृद्धि हुई है।

दलहन बाजार के जानकारों की मानें तो दालें और महंगी होंगी क्योंकि बरसात के कारण मध्यप्रदेश में उड़द की फसल को भारी नुकसान हुआ है। वहीं, दलहन की बुवाई भी इस खरीफ सीजन में पिछले साल से कम होने के कारण उत्पादन कम रहने की अनुमान लगाया गया है।

आलू-दाल से चलता था काम, अब क्या करें?
दिल्ली के मंडावली में रहने वाली रजनी ने बताया कि हरी सब्जियों के दाम बढ़ने के बाद आलू और दाल से वह काम चला लेती थीं, क्योंकि इनके दाम कम थे, लेकिन अब दालें भी महंगी हो गई हैं। उन्होंने कहा कि चना जो 55-60 रुपये किलो मिलता था वह अब 65-70 रुपये किलो हो गया है और चने की दाल 90 रुपये किलो मिल रही है।

स्टॉक सीमा की अफवाह

दलहन बाजार के जानकार मुंबई के अमित शुक्ला ने बताया कि मंगलवार को बाजार में एक अफवाह थी कि सरकार दालों पर स्टॉक लिमिट (थोक व खुदरा कारोबारियों के लिए दालों की स्टॉक सीमा) लगाने वाली है, जिससे तमाम दलहनों दाम में एक दिनी गिरावट रही, लेकिन पिछले एक सप्ताह की बात करें, तो चना, मूंग और मसूर के दाम में वृद्धि हुई है।

बारिश और बाढ़ से फसल खराब
उन्होंने कहा कि बारिश और बाढ़ के कारण फसल खराब होने और पिछले साल से रकबा कम होने से अरहर और मटर को छोड़ बांकी सभी दलहनों में तेजी का रुख है और यह तेजी आगे जारी रही तो मटर और अरहर के दाम में भी इजाफा देखने को मिल सकता है।

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