पंजाब मंत्रिमंडल में 9 नए चेहरों समेत 11 कैबिनेट मंत्री बने

चंडीगढ़: कई महीनों की अटकलों को विरोम देते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपनी लगभग 13 माह पुरानी सरकार के मंत्रिमंडल का आज विस्तार करते हुए इसमें नौ नये चेहरों को कैबिनेट मंत्री के रूप में शामिल करने के साथ अपनी दो महिला राज्य मंत्रियों (स्वतंत्र प्रभार) अरूणा चौधरी और रजिया सुल्ताना को भी पदोन्नत कर कैबिनेट मंत्री बनाया है।

यहां राजभवन में सायं आयोजित एक समारोह में राज्यपाल बी.पी. सिंह बदनोर ने मुख्यमंत्री की मौजूदगी में इन मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ ग्रहण कराई। मंत्रिमंडल में शामिल नये मंत्रियों में ओम प्रकाश सोनी, राणा गुरमीत सिंह सोढी, सुखजिंदर सिंह रंधावा, गुरप्रीत सिंह कांगड़, सुखविंदर सिंह सरकारिया, बलबीर सिंह सिद्धू, विजय इंदर सिंगला, शाम सुंदर अरोड़ा, भारत भूषण आशु तथा वर्ततान में शिक्षा राज्य मंत्री अरूणा चौधरी और लोक निर्माण राज्य मंत्री रजिया सुल्ताना हैं। इन सभी ने पंजाबी भाषा तथा कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की।

इस ताजा विस्तार के बाद मंत्रिमंडल में कैबिनेट मंत्रियों की संख्या 18 हो गई है। मंत्रिमंडल में शामिल नए मंत्रियों में पांच मालवा, तीन माझा और एक दोआबा क्षेत्र से हैं। इनमें पांच जट सिख और चार हिंदू हैं। इनके विभागों का ऐलान बाद में किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री की गत वीरवार और शुक्रवार को दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ हुई लगभग तीन घंटे की बैठक में मंत्रिमंडल विस्तार में शामिल किए जाने वाले नामों को अंतिम रूप दिया गया था। राज्य विधानसभा के गत चुनावों में सोनी अमृतसर सैंट्रल से पांचवीं तथा सोढी गुरू हरसहाय से चौथी बार विधायक चुन कर आए थे। रंधावा गुरदासपुर जिले की डेरा बाबा नानक, कांगड़ बठिंडा जिले के रामपुरा फुल, सिद्धू शहीद भगत सिंह नगर (मोहाली) और सरकारिया राजासांसी सीट से तीसरी बार विधानसभा में पहुंचे हैं। अरोड़ा होशियारपुर सीट और आशु लुधियाना पश्चिम सीट से दूसरी बार तथा सिंगला संगरूर सीट से पहली बार विधानसभा के लिये चुने गए थे। राज्य मंत्री से कैबिनेट मंत्री के रूप में पदोन्नत की गई चौधरी दीना नगर और सुल्ताना मलेरकोटला से विधायक हैं।

नए चेहरों में सोढी, सोनी, रंधावा, सरकारिया और अरोड़ को मुख्यमंत्री का करीबी माना जाता है। जबकि सिंगला और आशु गांधी के करीबी माने जाते हैं। हालांकि मंत्रिमंडल विस्तार में राजा अमरिंदर वडिंग और परगट सिंह का भी नाम सामने आ रहा था लेकिन इन दोनों नए मंत्रियों में जगह नहीं बना पाए। मुख्यमंत्री के अनुसार मंत्रिमंडल विस्तार में क्षेत्रीय संतुलन रखा गया है। नए मंत्रियों के आने से सरकार के कामकाज में गतिशीलता आएगी क्योंकि लगभग 40 विभागों का बोझ अब उनके समेत 18 मंत्रियों में विभाजित होगा। उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल में नए चेहरों को उनकी व्यक्तिगत क्षमता, वरिष्ठता और उनकी सक्रियता को ध्यान में रखते हुए शामिल किया गया है।

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