बेहतरीन खिलाड़ी था नाभा जेल ब्रेक करने वाला विक्की गौंडर, पढ़िए, खिलाड़ी से मोस्ट वांटेड बनने का सफरनामा

पुलिस के लिए सिरदर्द बन चुका मोस्ट वांटेड क्रिमिनल विक्की गौंडर एक जमाने में डिस्क थ्रो का बेहतरीन खिलाड़ी हुआ करता था.

चंडीगढ़: पंजाब सहित कई राज्‍यों के लिए सिरददर्द बन गया कुख्‍यात गैंगस्‍टर विक्की गौंडर के साथ उसके दो साथी प्रेमा लाहौरिया और सुखप्रीत पुलिस मुठभेड़ में मारे गए हैं. आपको बता दें कि विक्की गौंडर ही नाभा जेल ब्रेक का मास्टरमाइंड था.

नाभा जेल से फरार होने के बाद पुलिस विक्की गौंडर को बहुत ही सरगर्मी के साथ तलाश कर रही थी. जानकारी के मुताबिक, पंजाब पुलिस को विक्की गौंडर और प्रेमा लाहौरिया के देर रात पंजाब-राजस्थान बॉर्डर स्थित अबोहर के हिंदू मलकोट में होने की सूचना मिली थी.

इसके बाद पुलिस ने विक्की गौंडर और उसके साथियों को शुक्रवार देर रात घेर लिया था. पुलिस से घिरा देख बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी जिसके बाद हुई पुलिस की फायरिंग में विक्की गौंडर अपने साथियों के साथ मारा गया. विक्की गौंडर समेत तीन गैंगस्टरों के मारे जाने और एक के घायल होने की पुष्टि पंजाब के डीजीपी ने की है.

गलत संगत में अपराधी बना विक्की

आपको बता दें कि पुलिस के लिए सिरदर्द बन चुका मोस्ट वांटेड क्रिमिनल विक्की गौंडर एक जमाने में डिस्क थ्रो का बेहतरीन खिलाड़ी हुआ करता था. जानकारी के मुताबिक इंटरनेशनल स्टार बनने का सपना लिए अबोहर के सरावां बोदला का साधारण स्टूडेंट विक्की जालंधर के स्पोर्ट्स कॉलेज पहुंचा था.

डिस्क थ्रो में उसकी महारत थी. वह कई मैडल जीत चुका था. मगर यहां गलत संगत ने उसे विक्की से विक्की गौंडर बना दिया. इंटरनेशनल खिलाड़ी बनने का सपना संजोने वाला विक्की गौंडर खिलाड़ी से मोस्ट वांटेड बन गया.

विक्की ऐसे बना गैंगस्टर गौंडर

पंजाब के नाभा जेल से भागा गैंगस्टर विक्की गौंडर बचपन में अपने गांव का स्टार था. उसके परिवार वाले और गांव के लोग उस पर गर्व करते थे क्योंकि वह नेशनल लेवल का खिलाड़ी था और उसने कई मेडल्स जीते थे.

लेकिन बाद में उसने अपराध की दुनिया में कदम रखा तो परिवार और गांव वालों ने उससे रिश्ता तोड़ लिया. 27 साल का हरजिंदर सिंह भुल्लर उर्फ विक्की गौंडर हाईवे डकैत के तौर पर कुख्यात था. वह पंजाब में मुक्तसर जिले के सरावां बोदला गांव का रहने वाला था. यह गांव पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के विधानसभा क्षेत्र लंबी में आता है.

दोस्तों ने नहीं करने दी बीएसएफ की नौकरी

मलोट के गांव सराभा बोदला का रहने वाला हरजिंदर सिंह उर्फ विक्की गौंडर स्पोर्ट्स कॉलेज में पढ़ता था. वह गांव लिद्दड़ां के नवप्रीत सिंह उर्फ लवली बाबा के साथ रहता था. इस बीच मिट्ठू बस्ती में रहने वाले प्रेमा लाहौरिया से विक्की गौंडर की दोस्ती हो गई.

प्रेमा और सुक्खा काहलवां में भी पुरानी यारी थी. लेकिन गैंगस्टर्स में अपने ही दोस्ती में इगो क्लैश शुरू हो गया. सुक्खा काहलवां का गैंगस्टर्स में नाम बन चुका था तो विक्की गौंडर भी अपनी गैंग बनाने में जुट गया. गौंडर के चाचा की मानें तो इस बीच उसे बीएसएफ में नौकरी करने का मौका मिला मगर दोस्तों ने ऊंचे ख्वाब दिखा यह मौका उससे गंवा दिया.

दोस्त की मौत का बदला लेने की खाई थी कसम

गौंडर की दोस्ती जालंधर के संत नगर के रहने वाले सुखविंदर सिंह उर्फ सुक्खा से हो गई थी. इसके बाद गौंडर भी अपराध की दुनिया में सक्रिय हो गया. सुक्खा काहलवां ने एक फरवरी 2010 को अपने ही पुराने दोस्त लवली बाबा का मर्डर कर दिया.

इसके बाद गौंडर ने सुक्खा को मारने की कसम खाई. गौंडर और उसकी गैंग ने गुरु तेग बहादुर नगर में 16 सितंबर 2010 को नवजोत सिंह सरजू की कार छीनने के बाद गोली मार कर हत्या कर दी. फिर गौंडर अपराध की दुनिया से वापिस नहीं लौटा.

2015 में गैंगस्टर सुक्खा मर्डर से आया सुर्खियों में

22 जनवरी 2015 को फगवाड़ा में गैंगस्टर सुक्खा काहलवां के मर्डर के बाद विक्की गौंडर सुर्खियों में आ गया. गौंडर फिरोजपुर के रॉकी मर्डर केस से फिर चर्चित हुआ.

2015 के दिसंबर में तरनतारन पुलिस ने उसे सुक्खा मर्डर में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तारी के बाद विक्की को रोपड़ जेल में रखा गया था लेकिन वहां एक लड़ाई के बाद उसे नाभा जेल शिफ्ट कर दिया गया था.

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