पंजाब हादसा : निरंकारी भवन में ब्लास्ट आतंकियों की साजिश

पंजाब का माहौल खराब करना चाहता है पाकिस्तान

जालंधर:

अमृतसर में धार्मिक डेरे पर हुए ग्रेनेड अटैक के तार पाक से जुड़ते दिख रहे हैं। दरअसल, इस मामले में सुरक्षा एजेंसियों के हाथ जो अहम सुराग लगे हैं उसके मुताबिक जिस ग्रेनेड से हमला हुआ है, उसका प्रयोग पाकिस्तानी फौज करती है।

निरंकारी भवन के बाद आतंकियों का अगला टार्गेट क्या है, राज्य भर की खुफिया एजैंसियां व सुरक्षा एजैंसियां इसी बात को खंगालने में जुटी हैं। मिले इनपुट के मुताबिक पाकिस्तान में बैठे लश्कर-ए-तोयबा व जैश-ए-मोहम्मद के आका पंजाब का माहौल खराब करना चाहते हैं।

इसकी जिम्मेदारी खालिस्तान व कश्मीरी आतंकियों को सौंपी गई थी। खुफिया एजैंसियों के मुताबिक आतंकियों का अगला टार्गेट फिर कोई धार्मिक समागम हो सकता है। कहीं यह आने वाले श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाशोत्सव को लेकर राज्य भर में मनाए जाने वाले समागम तो नहीं? इस इनपुट के बाद राज्य भर के धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को बढ़ा दिया गया है।

धार्मिक समागमों व प्रोग्रामों के दौरान सुरक्षा रिव्यू करने में जुटी पंजाब सरकार<

पंजाब सरकार आने वाले धार्मिक समागमों व प्रोग्रामों के दौरान सुरक्षा रिव्यू करने में जुट गई है। डी.जी.पी. सुरेश अरोड़ा व डी.जी.पी. इंटैलीजैंस दिनकर गुप्ता ने सुरक्षा की पूरी कमान अपने हाथ में ले ली है।

खुफिया एजैंसियों से मिल रहे प्रत्येक इनपुट को गंभीरता से लिया जा रहा है और आतंकियों को धूल चटाने के लिए कई तरह की योजनाओं पर काम किया जा रहा है। गौर हो कि पूर्व में भी पंजाब में आतंकवाद का काला दौर धार्मिक उन्माद भड़काकर ही आया था।

1978 में निरंकारी व अकालियों के बीच हुई झड़प में 11 लोगों की जान चली गई थी। इसके बाद राज्य भर में आतंक की आग भड़कने लगी थी।

मौजूदा माहौल में भी चाहे बहबल कलां कांड हो या फिर बरगाड़ी कांड, राज्य का माहौल इस कदर तल्खियों पर पहुंच चुका है कि राज्य में राजनीतिक गतिरोध खुलकर सामने आ रहा है। अकाली पूरी तरह से बैकफुट पर हैं ।

वहीं सरकार पर कट्टरपंथियों का साथ देने का तो मुख्य विपक्षी पार्टी ‘आप’ पर विदेशों से फंडिंग आने के आरोप लग रहे हैं। इस बिगड़े राजनीतिक व धार्मिक माहौल का देश विरोधी ताकतें पूरी तरह से फायदा उठाने की फिराक में हैं। इस बार कुछ बदले अंदाज व बदली योजना के तहत आई.एस.आई. पंजाब का माहौल खराब कर रही है।

निरंकारी भवन पर हमला कर आतंकियों ने किए मंसूबे साफ

पहले जहां अकेले खालिस्तानी आतंकियों को पंजाब का जिम्मा सौंपा गया था तो अब कश्मीरी आतंकी संगठन भी इनके साथ मिलकर पंजाब का माहौल बिगाडऩे पर तुले हुए हैं। इस बार भी निरंकारी भवन पर हमला कर आतंकियों ने अपना मकसद साफ कर दिया है कि राज्य में धार्मिक उन्माद भड़काकर माहौल खराब करना है।

गौर हो कि 23 नवम्बर को सालभर चलने वाले कार्यक्रमों का शुभारंभ सुल्तानपुर लोधी से मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेंद्र सिंह करेंगे। ऐसे समारोह बार्डर इलाके डेरा बाबा नानक में भी आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा बटाला में भी कुछ खास समागम होंगे। मॉडल बनाए जाने वाले सभी 46 गांवों में श्री अखंड पाठ का आयोजन भी किया जाएगा।

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