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पीडब्ल्यूडी इंजीनियर ने 10 साल में हासिल की करोड़ों की बेनामी संपत्ति

पीडब्ल्यूडी इंजीनियर ने 10 साल में हासिल की करोड़ों की बेनामी संपत्ति

इंजीनियर दुबे के कार्यकाल के दौरान मिले वेतन के साथ ही खरीदी की गई संपत्ति की गोपनीय जांच की गई

भरत ठाकुर

बिलासपुर। भ्रष्टाचार के जरिए करोड़ों रुपए की बेनामी संपत्ति अर्जित करने वाले लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर के खिलाफ एसीबी ने आय से अधिक संपत्ति का मामला उजागर किया है। यह कार्रवाई गोपनीय शिकायत की जांच के आधार पर की गई है। पुराना सरकंडा के बघवा मंदिर के पास रहने वाले पीडब्ल्यूडी में पदस्थ राममोहन दुबे के खिलाफ शिकायत के आधार पर एसीबी ने जानकारी जुटाई। इसमें पता चला कि उसकी नियुक्ति पीडब्ल्यूडी में वर्ष 2008 में हुई थी। उसकी पत्नी ममता दुबे शिक्षाकर्मी वर्ग-एक के पद पर नेवरा में पदस्थ है।

उसकी नियुक्ति वर्ष 2005 में शिक्षाकर्मी वर्ग-दो के पद पर हुई थी। इंजीनियर दुबे के कार्यकाल के दौरान मिले वेतन के साथ ही खरीदी की गई संपत्ति की गोपनीय जांच की गई। प्रारंभिक जांच में भ्रष्टाचार के जरिए बेनामी संपत्ति हासिल करने की पुष्टि होने पर उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)ई, 13(2) के तहत अपराधिक प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। अचानक हुई इस कार्रवाई से पीडब्ल्यूडी में हड़कंप मच गया है।

जांच में ये मिले

सरकंडा के लिंगियाडीह में हॉस्टल – लाखों रुपए
सरकंडा में तीन मंजिला हास्टल व दुकान — 40 लाख
सरकंडा के सीपत रोड में दुकान — 10 लाख
सरकंडा में जमीन — 10 लाख
सरगांव में जमीन — 10 लाख
पथरिया में जमीन –10 लाख
मंगला में जमीन व मकान — 20 लाख

बैंक खाते व लॉकर भी मिले, सीज

जांच के दौरान आरोपी इंजीनियर के पास से गोंड़पारा स्थित स्टेट बैंक में लॉकर, सरकंडा के स्टेट बैंक में खाता, एसबीआइ की कलेक्टोरेट शाखा में खाता, सिटी बैंक में खाता, तखतपुर के सकरी स्थित ग्रामीण बैंक में खाता, बैंक आॅफ बड़ौदा में खाता, आईसीआईसीआई बैंक में खाता, पोस्ट आॅफिस में खाता, भारतीय जीवन बीमा में खाता व इन्वेस्टमेंट समेत सरगांव स्थित सहकारी बैंक में खातों में लाखों रुपये फिक्स डिपाजिट जमा किए गए हैं।
एसीबी अफसरों ने उसके बैंक खातों के साथ ही लॉकर को सीज कर दिया है। ताकि, आपराधिक प्रकरण दर्ज होने की खबर मिलने के बाद वह जमा रकम को इधर-उधर न कर सके। फिर जल्द ही उनकी जांच भी की जाएगी।

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