छत्तीसगढ़

विधायक उमेश का पुतला जलाने वाले नेताओं की नीयत पर सवाल

सामने आ रही कुनकुनी रेल साइडिंग में लोडिंग, अनलोडिंग व ट्रांसपोर्टिंग ठेकेदारी की बात

खरसिया/रायगढ़: सर्व आदिवासी समाज द्वारा स्थानीय विधायक उमेश पटेल का पुतला जलाए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। बता दें कि राजनीति और मुनाफे के चक्कर में विधायक को निशाना बनाया जा रहा है। इस मामले को लेकर खरसिया में राजनीति के दो धु्रव बन गए हैं। जहां कुछ लोग विधायक का पुतला जलाए जाने के लिए समाज की राजनीति करने वालों की नीयत पर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि सारा खेल राजनीति और मुनाफे को ध्यान में रखकर खेला जा रहा है।

ये भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि विधायक उमेश ने विधानसभा में मुखर होकर जमीन घोटाले का मुद्दा उठाया था और मामला न्यायालय में प्रक्रियाधीन है। लोगों के आरोप समाज के उन नेताओं पर लग रहे हैं जिन्होंने जमीन घोटाले के मामले में समाज के साथ मुखर होने की बजाए कुनकुनी रेल साइडिंग में लोडिंग, अनलोडिंग व ट्रांसपोर्टिंग का कार्य मुनाफे के तौर पा लिया है।

बता दे कि कुनकुरी रेल साइडिंग में भाजपा परिवार के कददावर मंत्री के परिवार पर गलत तरीके से आदिवासी की जमीन हड़पने के आरोप लगाए गए हैं। वहीं विधायक के पुतला दहन में पर्दे के पीछे बढ़-चढ़ कर भाग लेने वाले नेता धरमजयगढ़ का रेल कॉरिडोर, लैलूंगा विधानसभा का एनटीपीस, तिलई पाली कोयला खदान और लारा एनटीपीसी में आदिवासियों के साथ हुई ज्यादतियों पर मूक बधिर बनकर बैठे हैं, जिससे लोगों में गुस्सा बना हुआ है।

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