राफेल सौदे : विमान की क्षमता पर संदेह नहीं, सवाल सौदे पर खड़े किए जा रहे -चिदंबरम

नई दिल्ली:

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिंदबरम ने वायुसेना प्रमुख के राफैल सौदे को लेकर बयान जारी करने के बाद कहा, “हम वायुसेना के चीफ पर सवाल खड़े नहीं कर रहे हैं।

हम विनम्रतापूर्वक सेना और वायुसेना के प्रमुखों से यह अनुरोध कर रहे हैं वे इस बहस से बाहर रहें, क्योंकि कोई भी विमान की क्षमता पर संदेह नहीं कर रहा है। सवाल सौदे पर खड़े किए जा रहे हैं।”

अपने बयान में उन्होंने कहा, “राफेल सौदे पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से यह साफ जाहिर होता है कि कोर्ट दो बातों को ध्यान में रखते हुए नतीजे पर पहुंचा। एक जिस पर कोर्ट फैसले दे सकता है। और दूसरा खरीद की प्रक्रिया से जुड़ा मामला है, जिसमें कोर्ट दखलअंदाजी नहीं कर सकता।”

कांग्रेस नेता ने कहा की मोदी सरकार ने राफेल सौदे को लेकर सुप्रीम कोर्ट के साथ जनता को भी गुमराह किया है। कोर्ट में सरकार ने कहा कि राफेल सौदे पर सीएजी की रिपोर्ट संसद में पेश की जा चुकी है, और पीएसी इस रिपोर्ट को पास कर चुका है।

लेकिन यह बात सभी जानते हैं कि इस पर सीएजी की रिपोर्ट नहीं आई है। बाद में सरकार ने उल्टे सुप्रीम कोर्ट के जजों की अंग्रेजी पर ही सवाल खड़े कर दिए। सरकार कोर्ट को व्याकरण का पाठ पढ़ा रही है।”

चिदंबरम ने अपने बयान में आगे कहा, “सुप्रीम कोर्ट ने अपने अधिकार क्षेत्र का हवाला देते हुए राफले सौदे के विभिन्न पहलुओं पर फैसला देने से इनकार कर दिया था। ऐसे में सवाल यह है कि सौदे में हुई गड़बड़ी के बारे में पता करने का आगे का रास्ता क्या है।

जवाब यह है कि इसके लिए जेपीसी का गठन किया जाना चाहिए। क्योंकि जेपीसी के गठन से ही इस बात का पता चल पाएगा। रफेल सौदे को लेकर दो दिन पहले वायुसेना प्रमुख बीएस धनोआ का बयान आया था। उन्होंने कहा था कि हमारी फौज को राफेल विमान की जल्द से जल्द जरुरत है।

उन्होंने कहा था कि राफेल हमारी सेना की सबसे बड़ी जरूरत है और यह गेम चेंजर एयरक्राफ्ट है। धनोआ ने बगैर किसी का नाम लिए सौदे पर सवाल उठाने वालों पर निशाना भी साधा था। वायुसेना प्रमुख के इसी बयान पर चिदंबरम ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

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