राष्ट्रीय

जेएनयू में बीए फर्स्ट ईयर जर्मन के छात्र से रैगिंग, सीनियर ने की बदसलूकी

नाक रगड़कर प्रणाम करने के लिए कहा

नई दिल्ली: भारत, बांग्लादेश और श्रीलंका सहित दक्षिण एशियाई देशों में उच्च शिक्षा संस्थानों में प्रचलित तथाकथित “दीक्षा अनुष्ठान” के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला शब्द रैगिंग आज आम बात हो गई है।

दरअसल जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय(JNU) में बीए फर्स्ट ईयर जर्मन के छात्र से रैगिंग के रूप में कैंपस एरिया में पीएचडी कर रहे सीनियर छात्र ने ना केवल बदसलूकी की, बल्कि मारपीट भी की. उसे अपमानित करने के लिए उठक बैठक लगवाई. बिहारी बोलकर गाली गलौच कर बेइज्जत किया.

यही नहीं छात्र को आगे मिलने पर नाक रगड़कर प्रणाम करने के लिए भी बोला. जानकारी के मुताबिक, यह घटना 18 जुलाई की है. सीनियर छात्रों से परेशान होकर पीड़ित छात्र ने रैंगिग की शिकायत जेएनयू प्रशासन से की है.

पीड़ित छात्र ने इस केस की शिकायत वसंत कुंज नार्थ थाना पुलिस को भी दी है. छात्र के मुताबिक पुलिस ने मामले को दबाने की पूरी कोशिश की, यही कारण है अभी तक आरोपी छात्र के खिलाफ कोई कानूनी करवाई नहीं की गई.

जब साउथ वेस्ट डिस्ट्रिक्ट डीसीपी देवेंद्र आर्या से हमने इस मुद्दे पर बात करने की कोशिश की तो उन्होंने कुछ भी कमेंट करने से इनकार कर दिया. 20 जुलाई की दोपहर पीड़ित छात्र ने इस मामले को लेकर ट्विटर पर एक ट्वीट किया, जिसमें उसने बताया कि जवाहरलाल नेहरू विश्व‍विद्यालय कैंपस में एक पीएचडी स्टूडेंट ने उसकी रैगिंग कर प्रताड़ित किया.

इस ट्वीट को उसने HRD मिनिस्टर और बिहार से सांसद और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री को भी टैग कर अपनी पीड़ा व्यक्त की. जिसके बाद मामला सबके सामने आया. फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है.

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