दो टूक (श्याम वेताल) : मोदी पर दिल से दहाड़े राहुल

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी आज रायपुर में असीम ऊर्जा से लबरेज दिखाई पड़े. नये कांग्रेस भवन के उद्घाटन के मौके पर अपने भाषण में वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ बेहद आक्रामक रहे. उनके भाषण के 90 प्रतिशत हिस्से में सिर्फ और सिर्फ नरेंद्र मोदी की मुख़ालफ़त ही रही. भाषण की शुरुआत जहां अच्छे दिन के व्यंग्य से शुरू हुई और अंत आरएसएस को भाजपा का रिमोट कंट्रोल बताने पर सिमटा. राहुल ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह एवं उनके पुत्र पर भी तीर चलाए. मुख्यमंत्री के पुत्र का पनामा प्रकरण में नाम आने का उल्लेख उन्होंने जोरदार तरीके से किया.

प्रधानमंत्री मोदी के कंधे पर दर्जनों आरोपों की गठरी लादते हुए राहुल गांधी ने ‘राफेल’ जहाज का मुद्दा एक बार फिर दबंगई से उठाया और दहाड़ते हुए यहां तक कह दिया कि चौकीदार भागीदार बन गया है और चौकीदार ने भ्रष्टाचार किया है.

दरअसल, नरेंद्र मोदी और पूरी भाजपा इस बात पर गुमान करती है कि हमारे साढ़े 4 साल के शासन में कोई भ्रष्टाचार नहीं हुआ. हम बेदाग हैं. इसे झुठलाते हुए कांग्रेस एवं राहुल गांधी संसद से सड़क तक राफेल हवाई जहाज की खरीदी का मामला बार-बार उठा रहे हैं. राहुल ने कहा कि यूपीए शासन ने राफेल का जो सौदा फ्रांस सरकार से किया था उसके तहत 540 करोड रुपए प्रति हवाई जहाज का भुगतान करना था लेकिन मोदी जी ने फ्रांस जाकर पुराना सौदा रद्द कर दिया और नया सौदा किया जिसके तहत उसी हवाई जहाज की कीमत 540 करोड़ से बढ़कर 1640 करोड़ हो गयी. इतना ही नहीं, ये हवाई जहाज फ्रांस की टेक्नोलॉजी से बेंगलुरु स्थित एचएएल में बनने थे, मोदी जी ने उसे भी रद्द कर इसका ठेका अपने मित्र अंबानी को दे दिया. मजे की बात यह भी रही कि अंबानी की जिस फर्म को यह ठेका दिया गया उसे कोई पूर्व अनुभव ही नहीं था. होता भी कैसे – वह फर्म ठेका मिलने से सिर्फ एक सप्ताह पहले ही रजिस्टर हुई थी. यह डिफेंस का सबसे बड़ा घोटाला है और इसके लिए नरेंद्र मोदी जिम्मेदार हैं.

नरेंद्र मोदी के खिलाफ अपने आरोपों का चालीसा पढ़ते हुए राहुल ने नोटबंदी, जीएसटी, उद्योगपतियों की कर्ज माफी, किसानों के साथ धोखा, युवाओं को रोजगार देने का झूठा वादा, आदिवासियों पर जुल्म, महिलाओं की असुरक्षा, बच्चियों से बलात्कार और संघ का सत्ता में दखल के मुद्दे उठाए. राहुल यह आरोप लगाते हुए नहीं थके कि मोदी जी ने देश के 15-20 उद्योगपतियों का ही सिर्फ ख्याल रखा और देश की जनता को धोखा दिया. राहुल गाँधी भाजपा एवं नरेंद्र मोदी की कमियों में कांग्रेस के अच्छे दिनों की बुनियाद रखने की कोशिश कर रहे हैं. नरेंद्र मोदी के खिलाफ आरोप के अलावा रमन सिंह के बेटे को भी कटघरे में लिया उन्होंने कहा कि पनामा पेपर्स में नवाज शरीफ का भी नाम आया था, वह आज जेल में है लेकिन रमन सिंह के बेटे के खिलाफ कुछ भी नहीं हुआ.

इसके अलावा, राहुल ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जोश भरा. उन्होंने कहा कि आप लोग चुनाव जीतने वाले हो. आप छत्तीसगढ़ के गरीबों, किसानों, महिलाओं, युवाओं, दलितों, आदिवासियों, छोटे एवं मंझले व्यापारियों के लिए दम लगा दे और दिल लगा दें. ये सभी भाजपा से छले हुए हैं और कांग्रेस की ओर आशा भरी नजरों से देख रहे हैं. कांग्रेस इनके सपने पूरा कर सकती है. यहां जब कांग्रेस सरकार आएगी और जो हमारा सीएम होगा वह यदि इन लोगों के लिए काम नहीं करेगा तो एक दिन भी पद पर नहीं बना रहेगा. भाषण में राहुल ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि यहां पैराशूट से कोई नेता नहीं आएगा. मैं सारे पैराशूट काट दूंगा. पार्टी सिर्फ उन्हें ही विधानसभा भेजेगी जो जनता की लड़ाई लड़ रहे हैं. ऐसा कह कर राहुल ने पार्टी के उन नेताओं का पत्ता काट दिया जो सिर्फ अखबारों की सुर्खियों में रहते हैं और जनता के बीच नहीं जाते हैं.

राहुल का यह कहना है कि हमारी सरकार आने पर सारे फैसले सिर्फ नेता नहीं कार्यकर्ता करेंगे स्पष्ट करता है कि राहुल पार्टी में कार्यकर्ताओं का महत्व बढ़ाने के लिए सन्नद्ध हैं. यह कार्यकर्ताओं के लिए सम्मान की बात है. इसके साथ ही उन्होंने कार्यकर्ताओं को पोलिंग बूथ पर मौजूद रहने की सलाह दी और कहा कि जो पोलिंग बूथ जीतकर दिखायेगा वह लाइन में आगे होगा. राहुल गांधी के आज के भाषण में यदि नरेंद्र मोदी के खिलाफ आरोप की भरमार की जगह छत्तीसगढ़ सरकार की कमियां होती तो शायद राज्य के कांग्रेसियों में और जोश आता और रमन सरकार के खिलाफ प्रचार के लिए नई दिशा मिलती. आखिरकार, विधानसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार की नाकामियों के बजाय राज्य सरकार की गलतियां और विफलता ज्यादा असरकारक सिद्ध होगी और इसका सीधा लाभ पार्टी को मिलेगा.

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