राहुल ने फतह की एवरेस्ट, तूफानी हवा को मात देकर पूरी की चुनौती

12 से 16 घंटे तक करीब 120 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से चलने वाले तूफान का सामना करना पड़ा

रायपुर। प्राकृतिक आपदाओं को झेलते हुए 14 मई की सुबह राहुल गुप्ता ने एवरेस्ट की चोटी फतह की। जितना मुश्किल एवरेस्ट की चोटी पर पहुंचना था, वापसी की यात्रा भी भीषण संकट से भरा रहा। इस दौरान 12 से 16 घंटे तक करीब 120 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से चलने वाले तूफान का सामना करना पड़ा। यह राहुल गुप्ता के लिए ये सबसे मुश्किल समय था। एवरेस्ट फतेह करने की खुशी महसूस करने से ज्यादा जरूरी पूरे दल को सुरक्षित करना था।

वे पूरी टीम की हौसला अफजाई और नेतृत्व करते रहे जिससे सभी साथी धैर्य और हिम्मत के साथ बंधे रहे। तेज तूफान के चलते राहुल को स्नो ब्लाइंडनेस और फ्रोस्ट बाईट हो गया। जब तक राहुल गुप्ता अपने साथियों के साथ कैंप 4 तक पहुंचे तब तक बांयी और दांयी आंख का विजन मात्र 15 प्रतिशत तक ही रह गया था। कैंप-2 से राहुल गुप्ता को हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू किया गया और काठमांडू के हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया।

सही समय पर अस्पताल में भर्ती होने से राहुल गप्ता की जान बच सकी। इस पूरे सफर में बाधाएं और कठिनाईयां आईं लेकिन राहुल गुप्ता अपनी मंजिल की ओर आगे बढ़ते रहे और छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाया। साथ ही छत्तीसगढ़ पर्वतारोहण क्षेत्र के स्वर्णिम अध्याय की शुरुआत की। भविष्य में राहुल गुप्ता का इरादा छत्तीसगढ़ में आउटडोर एडवेंचर की अंतर्राष्ट्रीय अकादमी खोलने का है, जिससे पर्वतारोहण के क्षेत्र में विश्वस्तरीय प्रतिभा छत्तीसगढ़ में तैयार किए जा सके।

new jindal advt tree advt
Back to top button