छत्तीसगढ़

बस्तर के नगरनार से राहुल ने फूंका चुनावी बिगूल

जल जंगल और जमीन पर आदिवासियों को अधिकार दिलाने का वादा
निस्प निजीकरण का राष्ट्रीय स्तर पर होगा विरोध

— अनुराग शुक्ला

जगदलपुर. आने वाले समय में छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार होगी। कांग्रेस हर आम आदमी के साथ खड़ी है। बस्तर के लोगो को उनके जल, जंगल और जमीन का अधिकार मिलेगा। भाजपा की सरकार ने जिस तरह से जनता को छला है और यहां के लोग प्रभावित हैं इसका कांग्रेस विरोध करती है और प्रभावितों के साथ खड़ी है।

भाजपा की सरकार को सिर्फ छिन्ना आता है। कांग्रेस ने हर वर्ग और व्यक्ति के विकास की बात करती है। एक तरह से राहुल की आम सभा को इस नजीरए से देखा जा रहा है कि कांग्रेस ने आगामी विधानसभा के लिए बिगूल फूंक दिया है। पार्टी के नेता व कार्यकताओं का हौसला बढ़ाते उन्होंने कहा कि दो दिन के प्रवास के दौरान उन्होंने यह देखा की कांग्रेस संगठित है। उन्होनें बताया कि कई वर्ग और समाज तथा संगठन के लोग उनसे मिले लेकिन किसी ने भी उनसे छत्तीसगढ़ विकास की बात नहीं की।

राहुल ने आमसभा के दौरान कहा कि मोदी की सरकार व्यापारियों की सरकार है। यहां पर आम आदमी का कोई विकास नहीं हुआ है। सराकर औद्योगिरकरण के नाम पर बस्तर में बाहरियों को लाने के फिराक में है। पहले भी यहां पर टाटा और बड़े घरानों लाया गया। जब उनकी दाल नहीं गली तो फिर सरकार ने अपने ही उपक्रम के जरिए नगरनार में इस्पात संयंत्र बनाने की मंशा जाहिर की। बस्तर के लोग प्रदेश और देश के विकास के लिए अपनी जमीन देने को तैयार हुए। अब इसे बेचा जा रहा है।

राहुल ने यह स्पष्ट किया कि हमारी सरकार आती है तो ऐसे सभी प्रभावितों की जमीन को वापस किया जाएगा जहां पर उद्योग अस्तित्व में नहीं है। टाटा ने लोहण्डीगुड़ा इलाके में जिस तरह छलावा किया इससे सभी छला महसूस कर रहे हैं। ऐसा मोदी सरकार इस लिए कर रही है क्योंकि मोदी सरकार को उद्योगपति प्रायोजित कर रहे हैं। इसी का नतीजा है कि उनके हित की नीति बनती है। हमने किसानों और प्रभावितों के हित में यूपी के भट्टापरासोल में लड़ाई लड़ी। यहां जमीन के लिए किसानों पर गोलियां दागी गई।

लोकसभा में हमने विधेयक पास किया था और प्रभावितों के लिए चार गुना बाजार दर से भुगतान का नियम भूमि अधिग्रहण बिल के तहत लाया था। इसमें खास पहलू यह था कि किसी भी उघोग को लगाने के लिए सबसे पहले पंचायत से अनुमति लेनी होगी। मोदी सरकर ने अपने राज्यों में अध्यादेश के जरिए बिल को संशोधित किया। बस्तर में तो कुछ नया ही देखने को मिल रहा जो उपक्रम अस्तित्व में ही नहीं आया है उसका निजीकरण किया जा रहा है।

आउटसोर्सिंग के नाम पर बड़े घरानों के नौकर

यहां सरकार ने अब एक नया फंडा इस्तेमाल किया है। आउटसोर्सिंग का अर्थ इस सरकार के लिए यह है कि महाराष्ट्र और दिल्ली के लोग छत्तीसगढ़ में काम करेंगे। छत्तीसगढ़ और बस्तर के लोग बाहर पलायन करेंगे। ऐसी स्थिति में अब आदिवासी बाह्ूल्य इलाकों के आदिवासी बाहर जाकर बड़े घरानों के नौकर बन रहे हैं। इसे ही मोदी विकास कहते हैं हमें ऐसा विकास नहीं चाहिए। कांगे्रस सभी के विकास की समर्थक है। वनअधिकार कानून से वनांचल इलाके में नीति सहायक साबित हो रही वनोपज का0 लाभ भी आदिवासियों को मिल रहा था लेकिन भाजपा की सरकार ने इसपर विराम लगा दिया है।

जीएसटी और नोटबंदी दिखावा

विदेश से कालाधन लाने की बात करने वाली मोदी सरकार ने विदेश से तो धन नहीं लाया लेकिन देश के कालाबाजारियों को उनके कालेधन का पैसा बैंक के पीछे दरवाजे से दिया। आवश्यकता वाले लोग बैंको में लाइन लगाते रहे। आलम यह है कि आरबीआई अब तक यह नहीं बता पाई कि उनके पास कितना पैसा वापस आया। जीएसटी के नाम पर मध्यम वर्गी व्यापारियों पर भी नकेल कसने की बात बेमानी है वे तीन बार के रिर्टन के लिए आज तैयार नहीं हैं। व्यापारियों को कागजों में ही उलझा दिया गया। टैक्स में वृद्धि की गई। नोटबंदी की मार सबसे ज्यादा किसानों पर पड़ी जो किसान नकद में बीज खरीदते थे उनके जेब के थोड़े बहुत पैसे को लेकर बैंक से उन्हें बीज प्रदान करने की योजना बना दी। इससे किसान अब आत्महत्या करने की स्थिति में आ गया है, सरकारी कर्ज का बोझ नहीं झेल पा रहा है।

विशाखापटनम के लोग इलाज के लिए बस्तर आएंगे

राहुल गांधी ने मंच से जनता से पूछा कि तेरह साल में आपका क्या विकास हुआ है। शिक्षा के नाम पर यहां क्या है। स्वास्थ्य के नाम पर यदि आपको समस्या आए तो इलाज कहां होता है। जनता ने एक स्वर में कहा कि विशाखापटनम में इलाज होता है। इस पर चुटकी लेते राहुल ने कहा कि यही विकास है आपका मुख्यमंत्री चाहता है कि यदि आपको स्वास्थ्य लाभ चाहिए तो आप तीन सौ किमी दूर दूसरे राज्य जाएं। यदि हमारी सरकार बनती है तो यह मेरा वादा है कि विशापटनम मे लोग जगदलपुर में इलाज के लिए आएंगे। बस्तर को जिस तरह से सरकार ने कमजोर बनाया है, इससे सिर्फ बस्तर नहीं छत्तीसगढ़ और पूरा देश कमजोर होगा। हम बस्तर को कभी कमजोर नहीं होने देंगे।

हल्बी बेसड् कार्यक्रम में उमड़ी भीड

मारकेल में जिस तरह से कांग्रेस ने नगरनार के प्रभावितों को लुभाने के लिए विशाल आमसभा का आयोजन किया था, इसकी सफलता को लेकर प्रशासन में संशय की स्थिति थी। इस इलाके में ज्यादातर हल्बी भाषी हैं। कांग्रेस ने सोचे समझे अंदाज में अपने विधायकों से हल्बी में ही भाषण दिलवाया। इससे लोगो को बात समझ में आ सके। इस तरह हल्बी बेसड् भाषण को सुनने में जनता रम गई और राहुल गांधी का इंतजार आसान हुआ। भीड़ डटी रही और मौके पर करीब दस हजार लोगो की उपस्थिति बनी रही। प्रवक्ताओं में पीएल पुुनिया, भूपेश बघेल, टीएस सिंहदेव, रविन्द्र चौबे, कवासी लखमा, दीपक बैज, मोहन मरकाम, मनोज मण्डावी, फूलो देवी नेताम, विक्रम शाह मण्डावी, उमेश पटेल, दीपक कर्मा, शंकर ध्रुवा, संतराम नेताम, करणदेव समेत अन्य ने सभा को संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन प्रदेश महासचिव राजेश तिवारी और जिला प्रवक्ता आलोक दुबे ने किया। आभार प्रदर्शन जिला कांगेस कमेटी के अध्यक्ष व विधायक लखेश्वर बघेल ने दिया।

टीएस ने सराहा

कार्यक्रम के सफल संचालन को लेकर नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव ने प्रसन्न होकर मंच से ही महापौर जतीन जायसवाल और जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष लखेश्वर बघेल की प्रशंसा की। इससे पहले राहुल के मंच तक पहुंचने को लेकर चाक चौबंद व्यवस्था के बीच चुनिंदा कांग्रेसियों को राहुल से मिलने का मौका दिया गया। राहुल के पहुंचते ही उनका पुष्पमाला से स्वागत किया गया। 61 लोगो से राहुल रूबरू हुए। इस दौरान उन्हें कांग्रेस के उपाध्यक्ष हेमू उपाध्याय ने कांग्रेस का (तिरंगा गमछा)उत्तरा पहनाया।

 

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