राहुल गांधी ने हलफनामा दायर कर राफेल फैसले पर टिप्पणी के लिए जताया खेद

नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को उच्चतम न्यायालय में हलफनामा दायर कर राफेल मामले में शीर्ष अदालत के फैसले पर की गई अपनी टिप्पणी के लिए खेद जताया। शीर्ष अदालत ने 15 अप्रैल को स्पष्ट किया था कि राफेल पर उसके फैसले में ऐसा कुछ भी नहीं था जिसके हवाले से यह कहा जा सके कि चौकीदार नरेंद्र मोदी चोर हैं।

राहुल गांधी ने न्यायालय के फैसले का हवाला देते हुए कहा था कि अब शीर्ष अदालत भी मानती है कि च्चौकीदार चोर है। शीर्ष अदालत ने 15 अप्रैल को गांधी को निर्देश दिया था कि वह 22 अप्रैल तक स्पष्टीकरण दें।

न्यायालय ने इस संबंध में भाजपा सांसद और अधिवक्ता मीनाक्षी लेखी की ओर से दायर अवमानना याचिका पर गांधी से स्पष्टीकरण मांगा था। न्यायालय मामले पर मंगलवार को सुनवाई करेगा। शीर्ष अदालत के निर्देश पर दायर हलफनामे में गांधी ने कहा कि उन्होंने चुनाव प्रचार के जोश में वह टिप्पणी की जिसका प्रतिद्वंद्वियों ने दुरुपयोग किया।

गांधी ने कहा कि उनकी मंशा न्यायालय का सम्मान कम करने की कत्तई नहीं थी। हालांकि गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राफेल पर न्यायालय के फैसले का इस्तेमाल कर उनकी सरकार को क्लीन चिट मिलने का दावा किया है।

प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई के नेतृत्व वाली पीठ ने स्पष्ट किया था कि राफेल फैसले पर मीडिया में आयी गांधी की टिप्पणी में गलत तरीके से उच्चतम न्यायालय का हवाला दिया गया था। पीठ ने कहा था कि किसी भी नेता को अदालती फैसले या उसके आदेश को अपने भाषण में शामिल नहीं करना चाहिए।

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