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संसद में राहुल गांधी के आंख मारने के हो सकते हैं कई मायने : नगमा

महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव और फिल्म अभिनेत्री नगमा ने राहुल गाँधी के आँख मारने पर विपक्षियों पर पलटवार किया है.

इंदौर: कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गाँधी के संसद में आँख मारने की खबर इन दिनों सुर्ख़ियों में बनी हुई है. जहां विपक्ष मिर्च-मसाला लगाकर इन मुद्दों को जोर-शोर से ले रहे हैं वहीँ महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव और फिल्म अभिनेत्री नगमा ने राहुल गाँधी के आँख मारने पर विपक्षियों पर पलटवार किया है.

संसद में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के आंख मारने को अनुचित मानने से इनकार करते हुए महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव और फिल्म अभिनेत्री नगमा ने सोमवार को कहा कि सदन में राहुल के नैनों की इस हरकत के कई निहितार्थ हो सकते हैं.

उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, “राहुल ने संसद में किसी के कुछ पूछे जाने पर जवाब में आंख मारी होगी. उनके आंख मारने के कई मतलब हो सकते हैं.” राहुल के आंख मारने के वाकये को लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन द्वारा सदन की गरिमा के लिहाज से अनुचित बताए जाने पर नगमा ने कहा, “इस वाकये में भला क्या गलत है. क्या उन्होंने (राहुल) ने किसी को गाली दी थी.”

फिल्म “बागी” (1990) से बॉलीवुड में पहला कदम रखने वाली अभिनेत्री ने कहा, “आंख तो कोई भी मार सकता है. अगर मैं अभी आंख मार दूं, तो इसका यह मतलब नहीं है कि मैंने दो मिनट पहले आपसे जो बातें कही थीं, वे सब गलत थीं.”

नगमा ने एक सवाल पर कहा कि मशहूर फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौत केवल सुर्खियों में रहने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ कर रही हैं और उन्हें देश में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों के बारे में कोई जानकारी नहीं हैं.

फिल्मी दुनिया से सियासत में कदम रखने वाली हस्ती ने कहा, “कंगना की क्या राजनीतिक हैसियत है. वह खुद को प्रसिद्ध करने के लिए कभी करण जौहर और कभी रितिक रोशन के बारे में बुरा बोलती हैं. अब वह प्रधानमंत्री के बारे में अच्छा बोल रही हैं.”

उन्होंने कहा कि शिवसेना के साथ छोड़ने के बाद भाजपा महाराष्ट्र में अकेली पड़ गई है. नतीजतन भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को मराठी लोगों के वोट हासिल करने के लिए लता मंगेशकर और माधुरी दीक्षित जैसी फिल्मी हस्तियों से मिलना पड़ रहा है.

बिहार के मुजफ्फरपुर के एक बालिका गृह में 34 लड़कियों के यौन शोषण कांड में नगमा ने बिहार की सामाजिक कल्याण मंत्री मंजू वर्मा के पति चंद्रेश्वर वर्मा की भूमिका का आरोप लगाते हुए कहा कि सीबीआई को इस मामले की बारीकी से छानबीन करनी चाहिए. इसके साथ ही, बिहार के अन्य बालिका गृहों में जांच कर पता लगाया जाना चाहिए कि वहां रह रहीं लड़कियां किस हाल में हैं.

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