राहुल मतानुसार दादी इंदिरा गांधी भी मौकापरस्त: रिजवी

-जोगी को मौका परस्त बताए जाने पर भड़का राहुल के खिलाफ गुस्सा

रायपुर। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे.) के मीडिया प्रमुख इकबाल अहमद रिजवी ने कहा है कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष विगत कुछ वर्षो से ऊलजलुल बयानबाजी एवं टिप्पणी करके कांग्रेस पार्टी एवं गांधी परिवार को बदनाम कर रहे हैं। राहुल के द्वारा कुछ भी किसी के बारे में फब्ती कसने से पहले अच्छी तरह सोच लेना चाहिए कि वह अपने से उम्र में बडे़Þ, गांधी परिवार के शुभचिन्तक छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री अजीत जोगी पर मौकापरस्ती का अमर्यादित एवं बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं।

रिजवी ने आरोप लगाया कि जोगी को पार्टी में उपेक्षा एवं असहिष्णुता के कारण ही नई पार्टी गठित करने मजबूर होना पड़ा। जोगी छत्तीसगढ़ के ही नहीं वरन् देश के लोकप्रिय, जनाधारी एवं कद््दावर नेता हैं। उनकी सभाओं में लाखों की संख्या में उमड़ती भीड़ राहुल को नजर नहीं आ रही है। पेन्ड्रा की सभा में एक लाख से ज्यादा जोगी समर्थकों की स्वर्स्फूत उपस्थिति से राहुल की आंखेें खुल जाना चाहिए। राहुल गांधी एवं प्रदेश के कांग्रेस नेताओं में कोई भी जोगी के पासंग में नहीं है। जोगी ने पेन्ड्रा में अपनी लोकप्रियता एवं ताकत का परिचय करा दिया है। अब तो राहुल गांधी को कुम्भकरणी नींद से जाग जाना चाहिए।

-1978 में इंदिरा गांधी ने भी छोड़ी थी कांग्रेस
रिजवी ने कहा है कि राहुल गांधी द्वारा जोगी पर मौकापरस्ती का आरोप लगाकर यह सिद्ध कर दिया है कि उनकी दादी पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी को भी अपनी बचकानी सोच के तहत मौकापरस्त सिद्ध कर दिया है। रिजवी ने कहा कि 1978 में इंदिरा गांधी ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से अलग होकर इंदिरा कांग्रेस का गठन किया था तथा इंदिरा कांग्रेस के माध्यम से उन्होंने सफलता भी अर्जित की थी। रिजवी ने कहा कि जोगी ने भी कांग्रेस में उत्पन्न असम्मानीय एवं विषम परिस्थितियों के कारण ही जोगी कांग्रेस का गठन किया है, जिसमें उन्हे प्रदेश की जनता का पूर्ण सहयोग प्राप्त हो रहा है। जोगी ने गठन के बाद से ही अपनी ताकत एवं जनाधार का परिचय अपने विरोधियों को करा दिया है।
रिजवी ने राहुल गांधी को नसीहत दी है कि अजीत जोगी पर टिप्पणी करने से पूर्व अपनी दादी इंदिरा गांधी की यदि जीवनी पढ़ लेते तो वह जोगी के बारे में मौकापरस्त जैसे अमर्यादित शब्द का प्रयोग नहीं करते। राहुल गांधी देश, कांग्रेस एवं गांधी परिवार के इतिहास को पहले पढे़ उसके बाद दूसरों पर तंज करें।
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