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‘गैर-हिंदू’ रजिस्टर में एंट्री: कांग्रेस ने कहा- राहुल गांधी सिर्फ हिंदू नहीं बल्कि जनेऊधारी हिंदू हैं

‘गैर-हिंदू’ रजिस्टर में एंट्री: कांग्रेस ने कहा- राहुल गांधी सिर्फ हिंदू नहीं बल्कि जनेऊधारी हिंदू हैं

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के सोमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद उनके धर्म को लेकर उठे विवाद पर पार्टी ने बीजेपी को कटघरे में खड़ा किया है। पार्टी का कहना है कि भाजपा राहुल गांधी को मिल रहे समर्थन से बौखला गई है।

दरअसल राहुल गांधी कांग्रेस राज्यसभा सांसद अहम पटेल के साथ मंदिर में दर्शन करने पहुंचे थे जहां उन्होंने अहमद पटेल के साथ मंदिर में रखे गैर-हिंदू दर्शनार्थियों के रजिस्टर पर साइन कर दिया। बता दें कि इस रजिस्टर पर उन लोगों को साइन करना होता है जो हिंदू नहीं है। अब राहुल ने ऐसा जानबूझकर किया या गलती से किया इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता। लेकिन राहुल के ऐसा करने पर विपक्ष जरूर उनपर हमलावर हो गया है।

वहीं मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो राहुल गांधी के मीडिया कोऑर्डिनेटर मनोज त्यागी ने सोमनाथ मंदिर के एंट्री रजिस्टर में राहुल गांधी और अहमद पटेल का नाम दर्ज किया था। अब इस बात पर सवाल उठ रहे हैं कि कांग्रेस उपाध्यक्ष को गैर-हिंदू के तौर पर मंदिर में एंट्री क्यों करनी पड़ी। राहुल को गैर-हिंदू रजिस्टर पर साइन क्यों करना पड़ा। उनका नाम गैर-हिंदू रजिस्टर पर कैसा आया।

राहुल के साइन पर बवाल खड़ा होते देख कांग्रेस ने इस मुद्दे पर सफाई दी है। कांग्रेस नेता दीपेंद्र हुड्डा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए बीजेपी पर असल मुद्दों से भटकाने के आरोप लगाया है। दीपेंद्र हुड्डा ने ओरिजनल साइन दिखाते हुए कहा कि सोमनाथ मंदिर के गैर-हिंदू रजिस्टर में राहुल गांधी ‘जी’ लिखा दिख रहा है। राहुल अपने नाम के आगे जी क्यों लगाएंगे। पता नहीं उस रजिस्टर पर ये नाम किसने लिखा है। बीजेपी असल मुद्दों से भटकाने की हरसंभव कोशिश कर रही है।

वहीं रनदीप सुरजेवाला ने विजिटर बुक में राहुल के साइन दिखाते हुए कहा कि जिस साइन की बारे में बात की जा रही है वो राहुल का साइन नहीं है। ना तो वो राहुल गांधी का साइन है और ना ही वो असली रजिस्टर है। राहुल गांधी ना सिर्फ हिंदू हैं बल्कि वो एक ‘जनेऊ धारी’ हिंदू हैं। बीजेपी को इस हद तक नहीं गिरना चाहिए।

सोमनाथ मंदिर के ट्रस्टी प्रवीण लहरी ने कहा कि ये मंदिर का रूल कि यहां गैर-हिंदू को रजिस्टर पर साइन करना पड़ता है। किसी ने अहमद पटेल और राहुल गांधी का नाम इस रजिस्टर में लिख दिया। मंदिर का इस मामले से कोई लेना देना नहीं है।

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