Corona Vaccine को लेकर राहुल गांधी ने दागा सवाल- टीका पहुंचाने की रणनीति बताए भारत सरकार

उम्मीद की जा रही थी कि दुनिया और भारत को जल्द ही कोरोना वैक्सीन मिल सकेगी।

नई दिल्ली। दुनियाभर में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों पर रोक लगाने के लिए हाल ही में फायजर (Pfizer) द्वारा बनाए गए टीके को लेकर उम्मीद जताई जाने लगी है। पिछले दिनों खबर मिली थी कि फायजर द्वारा बनाई गई वैक्सीन ने अपने तीसरे ट्रायल में काफी अच्छे परिणाम दिए हैं। जिसके बाद उम्मीद की जा रही थी कि दुनिया और भारत को जल्द ही कोरोना वैक्सीन मिल सकेगी।

इस वैक्सीन के टीके को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने कहा है कि सरकार द्वारा हर भारतीय को ये टीका उपलब्ध कराया जाना चाहिए। उन्होंने ये भी कहा है कि भारत सरकार को यह भी बताना चाहिए कि वह हर भारतीय तक यह टीका किस रणनीति के तहत पहुंचाएगी।

इस बारे में राहुल गांधी ने बुधवार को ट्वीट करते हुए अपनी बात रखी। उन्होंने कहा,”जबकि फायज़र ने कारगर वैक्सीन का निर्माण कर लिया है, ऐसे में हर भारतीय को इसे उपलब्ध कराने के लिए लॉजिस्टिक्स पर काम करने की जरूरत है।”

वहीँ, कोरोना के बढ़ते मामलों और फाइजर टीके को लेकर एम्स के निदेशक रणदीप गुलेरिया ने कहा कि- फायजर के टीके को -70 C पर रखना होगा। ये भारत जैसे विकासशील देश के लिए एक चुनौती होगा। क्योंकि यहां हमें कोल्ड चेन बनाए रखने में खासी दिक्क्तें रहेंगी। खासकर ग्रामीण इलाकों में चलाने वाले मिशनों को लेकर। हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि तीसरे ट्रायल में जाकर फाइजर वैक्सीन का प्रभावी होना बड़े उत्सुकता की बात है।

बता दें, फायजर वैक्सीन तीसरे चरण में 90 फीसदी से अधिक कारगार साबित हुई है। बीते सोमवार को इस बारे में कंपनियों घोषणा की। उन्होनें बताया कि शुरुआती निष्कर्षों से पता चला है कि पहली बार डोज दिए जाने के 28 दिनों के बाद और दूसरी बार दो खुराक दिए जाने के 7 दिन बाद मरीज में बड़ा सुधार देखा गया है।

फाइजर के अध्यक्ष और सीईओ अल्बर्ट बोरला ने अपने एक बयान में कहा है कि हमारे तीसरे चरण के ट्रायल के पहले सेट में हमें कुछ ऐसे सबूत मिले हैं जिससे यह पता चलता है कि यह कोरोना वायरस को रोकने में अधिक प्रभावी है।

इस टीके को लेकर रिसर्चर का दावा है कि यह वैक्सीन इतनी दमदार है कि यह लोगों के शरीर में वायरस से लड़ने के लिए कई गुना अधिक एंटीबॉडी बनाती है। इस वैक्सीन को बनाने में नैनो पार्टिकल्सि (अति सूक्ष्म कण) का इस्तेमाल किया गया है। जानवरों पर इसका सफल परीक्षण होने के बाद इसके इंसानी नतीजों के लिए उम्मीद जताई जा रही है।

Tags
cg dpr advertisement cg dpr advertisement cg dpr advertisement
cg dpr advertisement cg dpr advertisement cg dpr advertisement

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button