प्लेन सप्लायर कंपनी के एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं राहुल गांधी: बीजेपी

राफेल सौदे के आरोपों पर पलटवार करते हुए बीजेपी ने कहा

नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर लगाए गए राफेल सौदे के आरोपों पर पलटवार करते हुए बीजेपी ने कहा की राहुल गांधी प्लेन सप्लायर कंपनी के एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं.

झूठों का पर्दाफाश करेंगे पीएम मोदी

बीजेपी ने कहा, ”बीजेपी ने गंभीर मतभेद होने के बावजूद गांधी परिवार के पूर्व प्रधानमंत्रियों पर देशद्रोह का आरोप नहीं लगाया, प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ राहुल के झूठों का पर्दाफाश करेंगे.”

प्लेन सप्लायर कंपनी के एजेंट के रूप में काम कर रहे राहुल गांधी

बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा, ”राहुल गांधी और उनकी पार्टी के नेता कमाल के हैं. जब सत्ता में रहते हैं तो दलाली से पैसे कमाते हैं और जब विपक्ष में रहते हैं तो विदेशी कंपनियों के लॉबिस्ट बनकर पैसे कमाते हैं. मेरा सीधा आरोप है कि राहुल गांधी प्लेन सप्लायर कंपनी के एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं.”

ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट का चार्ज

उन्होंने कहा, ”उनके पास एयरबस का ईमेल कहां से है. वो हम पर ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट का चार्ज लगा रहे हैं. उनके समय में पूरी कैबिनेट बैठक का नोट क्रश्चियन मिशेल (अगस्ता वेस्टलैंड मामले में आरोपी) के पास चला जाता था.’

राहुल गांधी झूठ की मशीन

रविशंकर ने कहा, ”आपको बता दें कि एयरबस खुद शक के घेरे में है. विस्तार में मीडिया में छपा है कि आपके राजदार राजीव तलवार के अकाउंट में एयरबस से पैसे डाले थे, सिंगापुर में. जो कंपनी जांच के घेरे में है उसका ईमेल लेकर दावे कर रहे हैं. राहुल गांधी झूठ की मशीन हैं.”

इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने दावा किया था कि एक ईमेल सामने आया है जिससे सवाल पैदा होता है कि अनिल अंबानी कैसे प्रधानमंत्री के दौरे से पहले फ्रांस के रक्षा मंत्री से मुलाकात कर रहे थे?

मनोहर पर्रिकर को पता नहीं था सौदे के बारे में

उन्होंने दावा किया, ‘‘तत्कालीन रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर को सौदे के बारे पता नहीं था. तत्कालीन विदेश सचिव को नहीं मालूम था. एचएएल को नहीं मालूम था. लेकिन अनिल अंबानी को पहले से पता था कि सौदा होने वाला है और वह फ्रांस के रक्षा मंत्री के साथ बैठकर बातचीत कर रहे थे.

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘प्रधानमंत्री ने अनिल अंबानी को सौदे के बारे में सूचित किया था और अंबानी ने फ्रांस के अधिकारियों से कहा कि सौदा मिलने वाला है. इसके बाद उन्होंने कंपनी खोली.’’

गांधी ने दावा किया, ‘‘प्रधानमंत्री अनिल अंबानी के लिए बिचौलिए का काम कर रहे हैं. यह पूरी तरह स्पष्ट है. प्रधानमंत्री को जवाब देना चाहिए कि अनिल अंबानी को सौदे के बारे में 10 दिन पहले से कैसे पता चला? प्रधानमंत्री के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई शुरू होनी चाहिए.

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, ‘‘पहले यह भ्रष्टाचार का मामला था. अब यह सरकारी गोपनीयता कानून के उल्लंघन का मामला बन गया है. यह देशद्रोह है. मोदी जी वही कर रहे थे जो जासूस करते हैं. उन्होंने पद की शपथ ली है और वह रक्षा सौदे के बारे में किसी को बता रहे थे. यह अपराध है और इससे प्रधानमंत्री को जेल हो सकती है.

गांधी ने कहा, ‘‘राफेल की सच्चाई देश के सामने आ रही है. इसमें कोई संदेह नहीं है कि प्रधानमंत्री भ्रष्ट हैं.’’ उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता किया है. भ्रष्टाचार, प्रक्रियाओं के उल्लंघन और सरकारी गोपनीयता कानून का उल्लंघन, इन तीनों पहलुओं की जांच होनी चाहिए.

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