राहुल गांधी की नागरिकता पर उठे सवाल, जानिए पूरा मामला

नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी एक नई मुश्किल में फंसते नजर आ रहे हैं। अमेठी से एक निर्दलीय प्रत्याशी ने राहुल की नागरिकता पर सवाल उठाए हैं और चुनाव आयोग से मांग की है कि उनका नामांकन रद्द हो। राहुल के चुनावी हलफनामे के आधार पर यह सवाल उठा है। साथ ही उनकी शैक्षणिक योग्यता पर भी शक जताया गया है। चुनाव आयोग ने राहुल को नोटिस जारी किया है और सोमवार सुबह 11 बजे तक जवाब मांगा है। जानिए क्या है पूरा मामला –

राहुल के खिलाफ यह मुद्दा अमेठी के निर्दलीय प्रत्याशी धु्रव राज ने उठाया है। उनका दावा किया है कि ब्रिटिश कंपनी पांच साल अस्तित्व में रही थी और उसने कुछ मुनाफा कमाया होगा, लेकिन राहुल के हलफनामे में उसका जिक्र नहीं है। इसके बाद भाजपा ने भी पूछा कि 2004 में दिए चुनावी हलफनामे के अनुसार राहुल गांधी ने किस कंपनी में निवेश किया था?

नरसिम्हा राव ने ही दावा किया कि इस कंपनी का नाम बैकप्स लि. है और यह लंदन में रजिस्टर्ड है। क्या राहुल इसके निदेशक थे? उक्त कंपनी द्वारा ब्रिटिश सरकार को दिए गए दस्तावेजों, जिनमें मेमोरेंडम ऑफ एसो. व 31 अगस्त, 2005 की अवधि के सालाना रिटर्न में साफ कहा गया है कि राहुल ब्रिटेन के नागरिक थे। यदि राहुल ब्रिटेन के नागरिक थे तो वह भारतीय नागरिकता कानून 1955 के तहत स्वतः भारतीय नागरिकता खो चुके होंगे। इस कानून में प्रावधान है कि दूसरे देश की नागरिकता लेते ही भारत की नागरिकता समाप्त हो जाती है।

भाजपा दिल्ली में भाजपा मुख्यालय में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में पार्टी प्रवक्ता जीवीएल नरसिम्हा राव ने कहा कि आज पूरा देश स्तब्ध है, क्योंकि राहुल व उनके वकील राहुल कौशिक उनके नामांकन पत्र को लेकर मांगा गया ब्योरा अमेठी के चुनाव अधिकारी को नहीं दे सके हैं। अमेठी के निर्दलीय प्रत्याशी द्वारा उठाए गए सवाल काफी गंभीर हैं, इसीलिए राहुल के वकील के पास उनके उत्तर नहीं हैं। भाजपा भी इस मामले में कांग्रेस से कुछ सवाल कर रही है।

वहीं राहुल की शिक्षा के दावों पर भाजपा प्रवक्ता नरसिम्हा राव ने कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा 2004 से अब तक के चुनावों में दायर शपथ-पत्र के आधार पर उनकी शैक्षणिक योग्यता पर भी सवाल उठाए हैं। भाजपा के मुताबिक, राहुल ने 2004 में बताया कि 1989 में उन्होंने 12 वीं की और कैंब्रिज यूनिवर्सिटी से 1995 में एमफिल की डिग्री ली।

2009 में उन्होंने कहा कि 1994 में रोलिंस कॉलेज ऑफ फ्लोरिडा से ग्रैजुएशन की और 1995 में डेवलपमेंट इकानॉमिक्स में ट्रिनिटी कॉलेज से एमफिल किया। वहीं, 2014 चुनाव में उन्होंने बताया कि डेवलपमेंट इकानॉमिक्स में नहीं बल्कि डेवलपमेंट स्टडीज में एमफिल किया। भाजपा का दावा है कि किसी राउल विंसी ने उस साल डिग्री ली थी, न कि राहुल गांधी ने। -राहुल बताएं कि क्या उनके अलग-अलग देशों में अलग-अलग नाम हैं?

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