रायगढ़/ बदहाल सड़क, उड़ती धूल, तेजरफ्तार गाडियां और…एनजीटी का दौरा! फिर अचानक से सड़क चमचमानें लगी…एक दिन की दुल्हन बनी तमनार के सड़कों की कहानी..! पढ़े एक्सक्लूसिव रिपोर्ट

औद्योगिक जिला रायगढ़ के कोल ब्लॉक तमनार में लोग जर्जर सड़क और प्रदूषण से परेशान है। सड़क खराब होने के कारण आवागमन में काफी समस्या हो रही है।

हिमालय मुखर्जी ब्यूरो चीफ रायगढ़

रायगढ़ : औद्योगिक जिला रायगढ़ के कोल ब्लॉक तमनार में लोग जर्जर सड़क और प्रदूषण से परेशान है। सड़क खराब होने के कारण आवागमन में काफी समस्या हो रही है। प्रदूषण से राहगीर के साथ रोड किनारे के रहने वाले व दुकानदार भी परेशान हैं।बरसात के मौसम आते ही रोड की हालत बद से बदतर होने लगी है। बारिश छूटने के बाद धूल के फव्वारे उड़ने लगे हैं। तेज रफ्तार ओवरलोड गाड़ियां और जर्जर सड़क हादसों को खुला निमंत्रण देते हैं।

कोयला परिवहन करने वाले गाड़ियों की भी संख्या में बढ़ोतरी

इन दिनों कोयला परिवहन करने वाले गाड़ियों की भी संख्या में बढ़ोतरी हुई है। सड़क से जब ये गुजरते है.. पीछे धूल का गुबार छोड़ जाते हैं। स्थिति ऐसी रहती है कि पीछे से गुजरने वाले मोटरबाइक वालों को तो कुछ दिखा ही नहीं देता।यह धूल आंखों में घुसती है। शरीर पर चिपकती है। यही वजह है कि क्षेत्र में चर्म और नेत्र रोग की समस्या अचानक से बड़ी है। उद्योगों की बात करें तो उनके जनहित के कार्य से प्रेस विज्ञप्ति तक ही है। धरातल पर इसका कोई अस्तित्व नहीं है। ना तो उद्योगों के द्वारा नियमित रूप से सड़कों की सफाई कराई जाती है और ना ही पानी का छिड़काव कराया जाता है।

वही बारिश होने के बाद रोड और जर्जर होने लगते हैं गाड़ियां फसने लगती है। तमनार के गोढ़ी गांव के समीप रेलवे अंडर ब्रिज के समीप रोड, हुंकराडीपा से हमीरपुर तक की रोड, हुंकराडीपा से मिलुपारा तक की सड़क, हुंकराडीपा से तमनार तक सड़कों पर गाड़ी गुजरने के बाद लोग धुल से परेशान हो जाते हैं।एनजीटी की टीम आने पर दिखावे के लिए झाड़ू लगाते उद्योग
एनजीटी के सामने इज्जत बचाने के लिए अपनाए गए पैतरे

मंगलवार को एनजीटी अर्थात नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की टीम तमनार ब्लॉक के कोल ब्लॉक का निरीक्षण करने के लिए आई हुई थी। इसकी भनक लगते ही सड़कों पर सफाई करने वालों की तादाद में अचानक से बाढ़ आ गई और सड़क चमकने लगे।

एनजीटी के दौरे के दौरान उद्योगों के फ्लाईएश की परिवहन करनें वाली भी गाड़ियां भी खड़ी रही। उस समय इन उद्योगों को पैसों की नहीं बल्कि अपनी इज्जत बचाने की पड़ी थी शायद यही वजह थी जैसी टीम देर शाम वापस गई। पुनः गाड़ियां रोड दौड़ने लगी।

काश NGT की टीम हफ्ते में एक बार आ जाए..

सड़कों की तरह सफाई और उद्योगों की एक दिन की साफ नियत को देखकर यहां के बाशिंदे कहते हैं कि काश सप्ताह में एक बार एनजीटी की टीम तमनार के उद्योगों का निरीक्षण करें तो सड़क चमचमाने लगेगी और फ्लाईएस की गाड़ियां भी धीमी रफ्तार से चलने लगेगी। स्थानीय प्रशासन से तो इनका याराना है।

प्रशासन यारी में दगा थोड़ी करेगा! भले ही लोगों से कर ले। क्षेत्र में फ्लाई एस की गाड़ियां धड़ल्ले से ओवर लोड चलती है। उन पर कभी तिरपाल नहीं होता। मगर आज ही गाड़ियां सज धज कर अंडरलोड में त्रिपाल के साथ ऐसे खड़ी थी जैसे एनजीटी के स्वागत में कोई शोपीस खड़ी हो।

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