रायगढ़: नेता प्रतिपक्ष का चुनाव करने के लिए भाजपा को करनी पड़ी माथापच्ची

पर्यवेक्षक को भी घंटों मैराथन बैठक करनी पड़ी

रायगढ़: रायगढ़ नगर निगम चुनाव में भाजपा की टिकट से 22 पार्षद निगम की दहलीज पर पहुंचे है। लेकिन चुनाव के कई माह बाद भी निगम में नेता प्रतिपक्ष का चयन नहीं किया जा सका है। नेता चुनने जिला भाजपा कार्यालय में कुछ दिनों से सुगबुगाहट थी। नेता प्रतिपक्ष का चुनाव करने के लिए भाजपा को काफी माथापच्ची करनी पड़ी।

इस पद के लिए चार दावेदारों के नाम सामने आने के बाद एक बार से यहां गुटबाजी हावी रही। ऐसे में पर्यवेक्षक को भी घंटों मैराथन बैठक करनी पड़ी।इसके बाद भी किसी एक नाम पर कोई सहमती नहीं बन सकी। ऐसे में आखिरकार चुनाव प्रभारी को बिना नाम के घोषणा किये ही यहां से लौटना पड़ा।

पर्यवेक्षक शिवरतन शर्मा ने बताया कि पार्षदों से राय शुमारी कर ली गई है।एक नाम पर सहमति भी हो गई है मगर नाम की घोषणा अब प्रदेश अध्यक्ष व महामंत्री से चर्चा करने के बाद ही की जायेगी। रस्सी जल गई मगर बल नहीं गे , कुछ यही हालात आज भाजपा में देखने को मिल रहा है।

नगर निगम चुनाव में करारी शिकस्त खाने के बाद आज नेता प्रतिपक्ष का नाम तय करने के लिए आयोजित पार्टी पदाधिकारी व पार्षदों की बैठक में भाजपा की गुटीय राजनीति पर्यवेक्षक शिवरतन शर्मा के समक्ष खुल कर सामने आयी और घंटों चले बैठक व राय मशविरा के बाद भी नेता प्रतिपक्ष के नाम की घोषणा नहीं हो सकी।

शुक्रवार को नगर निगम के पहली सामान्य सभा की बैठक होनी है। इसके पूर्व आज भाजपा पार्षदों में से नेताप्रतिपक्ष का चयन करना था। इसके लिए प्रदेश भाजपा की ओर से भाटापारा के विधायक शिवरतन शर्मा को चुनाव प्रभारी बनाकर यहां भेजा गया था।

बतौर पर्यवेक्षक श्री शर्मा गुरूवार दोपहर भाजपा कार्यालय पहुंचे और दोपहर 3 बजे सबसे पहले पार्टी पदाधिकारियों ववरिष्ठ नेताओं से बातचीत की। नगर निगम में नेताप्रतिपक्ष बनने के लिए भाजपा की ओर से चार पार्षदों ने अपनी-अपनी नेता प्रतिपक्ष के लिए ताल ठोक दिए जिसने यह नाम शामिल है,सुभाष पांडेय,श्रीमती पूनम सोलंकी,श्रीनू राव व अशोक यादव ने पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक कर श्री शर्मा ने चारों नामों पर करीब 2 घंटे तक रायशुमारी की। इसके बाद उन्होंने बंद कमरे में एक-एक कर भाजपा के सभी २२ पार्षदों को बुलाया और उनसे भी एकांत में चर्चा की। पार्षदों के साथ चर्चा का दौर भी करीब एक घंटे तक चला।

तत्पश्चात् चुनाव प्रभारी शिवरतन शर्मा बाहर निकले और मीडिया के समक्ष कहा कि इंतजार की घड़ी बहुत जल्द खत्म होने जा रही है। सभी से रायशुमारी कर एक नाम तय कर लिया गया है और अब वे पार्षदों की बैठक लेकर नाम का ऐलान करने जा रहे हैं।

मीडिया से चर्चा कर वे पार्षदों की बैठक लेने के लिए निकल भी गए मगर कुछ ही सेकेंड में मोबाईल पर बातें करते हुए वापस अपने कमरे में चले गये और दरवाजा बंद कर दिया।करीब आधे घंटे बाद उन्होंने जिला भाजपा अध्यक्ष उमेश अग्रवाल को भी तलब किया, उनसे फिर चर्चा की मगर नेता प्रतिपक्ष के नाम का ऐलान करने पार्षदों की बैठक में नहीं पहुंचे।

फिलहाल पंकज निभायेंगे कार्यकारी नेता प्रतिपक्ष की भूमिका अंत में जिला प्रभारी शिवरतन शर्मा ने कहा कि जब तक प्रदेश पदाधिकारियों से चर्चा कर यहां नेता प्रतिपक्ष के नाम का ऐलान नहीं किया जाता, तब तकपूर्व की तरह पार्षद पंकज कंकरवाल ही नगर निगम में कार्यकारी नेता प्रतिपक्ष की भूमिका का निर्वहन करते रहेंगे।कार्यकर्ता व पार्षदों में दिखी उदासी घंटों चले बैठकों के दौर के बाद भी देर शाम जब नेता प्रतिपक्ष के नाम का ऐलान नहीं हो सका तो भाजपा पार्षदों के साथ ही पार्टी कार्यकर्ताओं के चेहरों पर उदासी साफ नजर आयी।

चूंकि दोपहर २ बजे वे अपने पार्षदों के साथ पार्टी दफ्तर में जमे रहे और नेता प्रतिपक्ष के नाम का ऐलान होने की ही प्रतिक्षा करते रहे।पार्षदों से रायशुमारी में तीन नाम आये सामने पार्टी पदाधिकारियों की बैठक के बाद शिवरतन शर्मा ने सभी २२ पार्षदों से अलग-अलग चर्चा की और उनका राय जाना। इसके बाद जिला अध्यक्ष उमेश अग्रवाल,गुरुपाल भल्ला समेत कई नेताओं को कक्ष में बुलाकर नामों पर मंत्रणा की। इस बैठक में चार में से तीन दावेदारों श्रीनू राव,पूनम सोलंकी व अशोक यादव के नाम नेता प्रतिपक्षके लिए सामने आये।

अंत में तीनों दावेदारों को बुलाकर की चर्चा नामों का ऐलान करने से पहले नवरतन शर्मा ने मोबाईल पर प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं से चर्चा की।इसके बाद एक-एक कर नेता प्रतिपक्ष के दावेदार श्रीनू राव,पूनम सोलंकी और अशोक यादव को फिर अपने कक्ष में बुलाकर करीब आधे घंटे तक बंद कमरे में उनसे चर्चा की किन्तु तीनों दावेदारों से चर्चा के बाद भी किसी एक नाम पर सहमति नहीं बनी क्योंकि कोई भी अपनी दावेदारी वापस लेने को राजी नहीं हुआ। नाम ऐलान किये बगैर निकल गये दफ्तर से तीनों दावेदारों से चर्चा उपरांत भी जब कोई हल नहीं निकला तो चुनाव प्रभारी श्री शर्मा ने फिर से मोबाईल पर प्रदेश पदाधिकारियों से बातचीत की।इसके

बाद वे अपने कक्ष से बाहर तो निकले मगर पार्षदों के समक्ष नाम का ऐलान करने की बजाये सीधे बाहर निकले गये।मीडिया के समक्ष उन्होंने सिर्फ इतना ही कहा कि सभी से राय शुमारीकर ली गई है। नेता प्रतिपक्ष के लिए नाम भी तय कर लिया गया है मगर नाम का ऐलान अब प्रदेश अध्यक्ष व प्रदेश महामंत्री से चर्चा करने के बाद ही की जायेग।

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