छत्तीसगढ़

रायगढ़ : पहली बारिश मे एक बार फिर मोहल्ला बना तालाब..?

15 साल से एक ही पार्षद, सालों से काबिज वही निगम कर्मचारी, 10 साल से वही समस्या, किसी मसीहा की तलाश में मोहल्ले वाले..

हिमालय मुखर्जी ब्यूरो चीफ रायगढ़

रायगढ़। बीती रात और आज सुबह हुई झमाझम बारिश के बाद रायगढ़ शहर के पानी की निकासी व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। ऐसा ही कुछ नजारा रायगढ़ शहर के वार्ड नंबर 2 में देखने को मिला। वार्ड नंबर 2 न्यू होराइजन स्कूल के सामने तेज बारिश के समय करीब एक से डेढ़ फुट तक पानी भर गया था।

यह एक आवासीय क्षेत्र है और यहां करीब 15 से 20 मकान और एक बच्चों का स्कूल भी है। नीचे तस्वीर में आप इसकी दुर्दशा देख सकते हैं।वैसे यह समस्या कोई नई समस्या नहीं है, जो रातो रात तेज बारिश के कारण उत्पन्न हुई हो। यह समस्या यहां के बाशिंदों के लिए शुरुआत से ही है।

रायगढ़ : पहली बारिश मे एक बार फिर मोहल्ला बना तालाब..?

मोहल्ले वासियों ने बताया कि इस बारे में वार्ड नंबर 2 के पार्षद अशोक यादव को कई बार अवगत कराया गया है, लेकिन पिछले कई सालों से सिर्फ बयानबाजी और आश्वासन का लड्डू ही मिला है। इस बारे में हमने अशोक यादव के मोबाइल (9827690159, 9827690159, 9303822342, 9827490158) पर संपर्क करने की कोशिश की मगर उनके किसी भी नंबर से उनसे संपर्क नहीं हो पाया।

फिलहाल ऊपर वीडियो में अभी उस जगह का ताजा हाल आप देख सकते हैं। बरसात के पानी के साथ-साथ यहां नाली का गंदा पानी भी बहकर घरों तक घुस जाता है। मामले की पड़ताल करने गई हमारी टीम को लोगों ने बताया कि ऐसा नजारा हर साल बरसात के समय देखने को मिलता है। स्कूल के दिनों में बच्चे हाथ में जूते लेकर सड़क तक पहुंचते हैं।

आखिर क्यों है सालों से यह समस्या..??

एक तो करोना काल और दूसरा बरसात के दिनों में डेंगू जैसी खतरनाक बीमारी से रायगढ़ अछूता नहीं रहा है। नए निगम आयुक्त को आए अभी एक पखवाड़ा हीं बीता है। आने के बाद उन्होंने शहर की व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए कई दौरे भी किए। सड़क पर निगम कमिश्नर को देखकर लोगों में उम्मीद तो जगी हैं। मगर सवाल उनके मातहतों की निष्ठा पर है। नगर निगम के स्थानीय कर्मचारी वर्षों से काबिज है। यहां के पार्षद 15 साल से अशोक यादव ही हैं। ऐसे में यह समस्या कोई नई समस्या है या इसके लिए जिम्मेदार कर्मचारियों और जनप्रतिनिधि को इसकी कोई सूचना नहीं है। ऐसी कोई बात धरातल पर तो नजर नहीं आयी।

बातों ही बातों में कुछ स्थानीय लोगों ने बताया कि भाजपा पार्षद अशोक यादव समझते हैं कि यह क्षेत्र उनका वोट बैंक नहीं है। शायद इस बात की सजा उन्हें मिलती है। बात ऐसी भी नहीं है कि भाजपा पार्षद होने के नाते उनके दिए गए कार्य को ओके नहीं किया जाता। रायगढ़ नगर निगम में कांग्रेस भाजपा का सांप-नेवले का नहीं बल्कि राम-भरत जैसा रिश्ता किसी से छुपा नहीं हैं।
निदान जरूरी हैं..

खैर जो भी हो। स्थानीय लोगों की समस्या का निदान तो होना ही चाहिए। यह उनका जायज हक भी है। उनकी समस्या इतनी बड़ी भी नहीं कि उसका निदान असंभव है या फिर उसके समस्या के निदान के लिए स्वयं भगवान को धरती पर आना पड़े। जनप्रतिनिधि और जिम्मेदार कर्मचारियों दर पर सर पटक कर हार चुके स्थानीय लोग, अब क्या करें कि स्थिति में है या फिर इसे ही अपनी नियति मान कर बैठ जाये, क्योंकि उन्होंने रायगढ़ में घर बसाया है।

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