रेल हादसा : मरने वालों की संख्या में हुई बढ़ोतरी, रद्द की गई ट्रेनें

अमृतसर हादसे वाली जगह पर भारी पुलिस बल तैनात

जालंधर :

अमृतसर में दशहरा उत्सव मनाने सैकड़ों की संख्या में शामिल लोगों की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई । जिसमे मरनें वालों की संख्या बढ़ती जा रही है। कई घायल लोग अभी भी अस्पताल में भर्ती अपना इलाज करवा रहे है।

किसी के घर का इकलौता चिराग बुझ गया, तो किसी की पत्नी की जान चली गई। किसी से भाई का साथ छूट गया, किसी का सुहाग उजड़ गया। हर तरफ चीख पुकार, चीत्कार और तबाही का मंजर ऐसा कि दिल दहल जाए देखकर।

दशहरा कार्यक्रम को लेकर रेलवे के पास सूचना नहीं

अमृतसर रेल हादसे पर रेलवे बोर्ड के चेयरमैन अश्विनी लोहानी ने एक बयान में कहा कि रेलवे पटरियों के निकट हो रहे दशहरा कार्यक्रम के बारे में विभाग को सूचित नहीं किया गया था। उन्होंने कहा कि यह हादसा दो स्टेशनों-अमृतसर एंव मनावाला के बीच हुई न कि रेलवे फाटक पर।

रेल दुर्घटना की जगह पर भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए शनिवार को पंजाब पुलिस के कमांडो और त्वरित कार्यबल के जवानों की तैनाती की गई। पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह आज दिन में घटनास्थल का दौरा करेंगे। उन्होंने इस त्रासद ट्रेन हादसे की जांच के आदेश दिए। स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिऐ हादसे वाली जगह पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

सात लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है

अमृतसर ट्रेन हादसे में घायल लोगों को अमृतसर के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। एक अधिकारी के मुताबिक, सात लोगों की हालत अभी तक गंभीर बनी हुई है। कई मृतकों की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है। 29 शवों का पोस्टमार्टम कराया जा चुका है।

ड्राइवर ने ट्रेन रोकने की कोशिश की थी
रेलवे बोर्ड के चेयरमैन अश्वनी लोहानी कहते हैं कि ड्राइवर ने ट्रैक पर लोगों को देखकर ट्रेन रोकने की कोशिश की थी। उसने ट्रेन की स्पीड भी कम कर दी थी, लेकिन ट्रेन रुक नहीं सकी। क्योंकि इतनी स्पीड से आ रही ट्रेन को रुकने के लिए टाइम और स्पेस दोनों चाहिए। अगर ड्राइवर इमरजेंसी ब्रेक लगाता तो वह पलट जाती और फिर कई सारे लोगों की जान चली जाती।

ट्रेन के ड्राइवर ने दर्ज कराए बयान

अमृतसर ट्रेन हादसे में मौत की ट्रेन बनी हावड़ा मेल के ड्राइवर जगवीर सिंह ने बयान दर्ज कराए। लुधियाना रेलवे स्टेशन पर डीटीएम (डिवीजनल ट्रैफिक मैनेजर) ऐ एस सलारिया की निगरानी में उसके बयान दर्ज किए गए, लेकिन ड्राइवर ने कैमरे के सामने बोलने से इनकार करते हुए कहा कि हादसा हावड़ा मेल से नहीं हुआ है, दूसरी ट्रेन से हुआ है। रेलवे विभाग की तरफ से जांच की जा रही है।

प्रशासन ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर

रेलवे राहत ट्रेन भी मौके पर पहुंच चुकी है। रेलवे का कहना है कि हादसे के वक्त फाटक बंद था। हादसा फाटक से कुछ दूरी पर हुआ है।अमृतसर रेल हादसे को लेकर प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर जारी कर दिया गया है। हादसे से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए इन 0183-2223171, 0182-2564485 पर संपर्क किया जा सकता है।

रेलवे के पीआरओ ने कहा कि घटना करीब शाम 6ः40 के आस-पास की है। हादसा अमृतसर और मानावाला स्टेशन के पास की है। पटाखे की आवाज की हड़बड़ी में काफी लोग ट्रैक पर आ पहुंचे और जालंधर से अमृतसर जा रही ट्रेन की चपेट में आ गई।

अमृतसर में ट्रेन हादसे के चलते रेलवे ने एहतियात बरतते हुए बड़ा कदम उठाया है। रेलवे ने जालंधर से अमृतसर और अमृतसर से दिल्ली जाने वाली सभी ट्रेनें रद्द कर दी हैं। कुल 8 ट्रेनें कैंसिल की गई हैं। पांच ट्रेनों का रूट बदला गया है। 10 छोटी दूरी के ट्रेनें भी रोक दी गई हैं।

Back to top button