मध्यप्रदेशराज्य

मप्र में बारिश का कहर, नदी-नाले उफान पर

भोपाल में दीवार गिरने से चार लोगों की मौत हो गई

मध्यप्रदेश। मध्य प्रदेश के भोपाल में भारी बारिश की वजह से नदी-नाले उफान पर हैं. राजधानी सहित प्रदेश के कई स्थानों पर सोमवार-मंगलवार की दरमियानी रात को झमाझम बरसात हुई। भोपाल में दीवार गिरने से चार लोगों की मौत हो गई, एक बच्चा नाले में बह गया।

भोपाल में प्रोफेसर कॉलोनी के पीछे स्थित किलोल पार्क धोबी घाट स्थित सरकारी बंगले की 20 फीट ऊंची दीवार सोमवार-मंगलवार की रात करीब पौने तीन बजे पांच मकानों पर गिर गई।

पुलिस के अनुसार इनमें से मकान नंबर 167 में 40 वर्षीय अजीम अपनी पत्नी शुमाइला(30) दो बेटियां तंजिला (9) और अरीबा (3) के साथ रहते थे। दीवार के नीचे दबकर शुमाइला और उसकी दोनों बेटियों तंजिला और अरीबा की मौत हो गई।

जबकि अपने परिवार को बचाने दौड़े अजीम को बिजली का तार टूटकर गिरने से करंट लग गया। जिससे उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। वहीं शहर के गोलखड़ी इलाके में घर की दीवार गिरने के कारण 6 वर्षीय दीपा अहिरवार की मौत हो गई। इसके अलावा कांग्रेस नगर में 15 वर्षीय बसीम नाले में बह गया, जिसकी तलाश एसडीआरएफ और नगर निगम के गोताखोर कर रहे हैं।

इधर रायसेन में सोमवार की देर शाम नदी व नाले की बाढ़ में बहे दो युवकों में से एक युवक ने पेड़ पर चढ़कर अपनी जान बचाई। उसे मंगलवार की सुबह रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित उतार लिया, जबकि दूसरा युवक लापता है। जबकि रायसेन के ही सिलवानी के सलैया नाले में साइकल धो रहा एक बालक बह गया, जिसका शाम तक पता नहीं चला।

इसके अलावा विदिशा में बाढ़ में फंसे 7 ग्रामीणों को रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित निकाल लिया। हरदा के टिमरनी में राशन से भरा एक ट्रक नदी में बह गया। सीहोर में कोलांस नदी की बाढ़ में खेत और मकान डूबने पर एक किसान मुआवजे की मांग को लेकर पेड़ पर चढ़ गया। रायसेन का भोपाल, सागर और विदिशा से दिनभर सड़क संपर्क कटा रहा।

भोपाल में 12 साल बाद अगस्त में एक दिन में सबसे अधिक बरसात

भोपाल में 24 घंटे के दौरान सुबह 8:30 बजे तक 153.9 मिमी. पानी गिरा। अगस्त माह में 12 साल बाद एक दिन में इतनी बरसात हुई। इसके पूर्व 14 अगस्त 2006 को भोपाल में एक दिन में 291.6 मिमी. बरसात हुई थी। मौसम विज्ञानियों ने इस सिस्टम के प्रभाव से सागर, ग्वालियर, चंबल संभाग में भारी बरसात की संभावना जताई है।

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