सावन में नहीं हो रही बारिश, धान के पौधे सूखने के कगार पर

सरसींवा।

पिछले 11 दिनों से बारिश नहीं होने के कारण धान के पौधे सूखने के कगार पर है। किसानों के चेहरों पर काली छाया दिखने लग गई है। जब से सावन लगा है तब से बारिश नही हो रही है, जिससे धान के पौधे सूखने लग गए है। किसान इंद्रदेव पर टकटकी लगाए हुए हैं।

खेतों में भारी मात्रा में खरपतवार भी उग आए हैं। किसान गोपाल पाण्डेय, श्यामलाल, लेखराम, गणपत, भागवत,चंदवाराम आदि का कहना है कि यदि 1 सप्ताह के अंदर धान की फसल को पानी नहीं मिला तो धान के छोटे छोटे पौधे सुख जाएंगे और पौधों को बचाना मुश्किल हो जाएगा।

ज्ञातव्य हो कि क्षेत्र जो कि ट्रांस महानदी किनारे स्थित है उसके बाद भी क्षेत्र में सिंचाई का साधन उपलब्ध नहीं है, जिसके कारण किसान कृषि कार्य सिर्फ बारिश के भरोसे ही करते हैं और एक ही फसल लेते हैं। इस कारण से बारिश के समय में खंड वर्षा एवं कम बारिश होने से कृषि कार्य प्रभावित होता है। यदि क्षेत्र के लंबित सिंचाई के साधन पूर्ण हो जाती है तो किसान भी दो फसल ले सकते हैं।

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