बारिश को तरसा छत्तीसगढ़, मौसम विभाग का अनुमान फेल

11 जून को पहली बार हुई थी रायपुर में बारिश

रायपुर। मानसून ने सही समय पर केरल में दस्तक दी, आठ जून को यह छत्तीसगढ़ भी पहुंच गया और 11 जून को रायपुर में पहली बारिश हुई। लेकिन इसके बाद यह ऐसा रूठा कि मध्य-छत्तीसगढ़ मानसूनी बारिश के लिए तरस गया है।

मौसम विभाग ने 22 जून से मानसून के सक्रिय होने का पूर्वानुमान लगाया था, उसके सारे पूर्वानुमान फेल हो गए हैं। बीते आठ साल के आंकड़े बताते हैं कि कभी भी मानसून ने रायपुर पहुंचने में इतनी देर नहीं की। सबसे देरी 2017 में हुई थी जब मानसून 21 जून को पहुंचा था।

मौसम वैज्ञानियों का मानना है कि मडगास्टर आईलैंड जहां उच्च दाब का क्षेत्र बनता है, वहां से हवा चलती है वही वर्षा करवाती है। बीते 10 दिनों से यहां भी स्थिति अनुकूल नहीं है। हालांकि यह कहा जा रहा है कि आने वाले 20-24 घंटे में मानसून मध्य-छत्तीसगढ़ (रायपुर भी है) में सक्रिय होगा।

दक्षिण छत्तीसगढ़ में तो शुरुआत से ही अच्छी बारिश हो रही है। जगदलपुर, कांकेर में लगातार बारिश जारी है। इंतजार है बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, धमतरी, बालोद, बलौदाबाजार, मध्य छत्तीसगढ़ के जिलों को।

बता दें कि केंद्रीय मौसम विज्ञान केंद्र नई दिल्ली ने मध्य भारत में 95 फीसद बारिश का पूर्वानुमान लगाया है, विज्ञानी अभी भी इसे लेकर आश्वस्त हैं। इनका मानना है कि जुलाई-अगस्त में अभी की भरपाई हो जाएगी। गौरतलब है कि अभी तक जितनी भी बारिश रायपुर और उसके आसपास के क्षेत्रों में हुई है वह स्थानीय सिस्टम की वजह से हुई है।

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