छत्तीसगढ़

रायपुर : ​​​​​​​गांवों में गौठान बन रहे रोजगार के महत्वपूर्ण केन्द्र: मुख्यमंत्री बघेल

मुख्यमंत्री ने गोधन न्याय योजना के तहत 41 हजार से अधिक गोबर विक्रेताओं को 5.56 करोड़ रूपए का किया ऑनलाइन भुगतान

  • मुख्यमंत्री द्वारा किसानों से पैरादान करने की अपील
  • गोधन न्याय योजना में अब तक 1.36 लाख गोबर विक्रेताओं  को 59.08 करोड़ रूपए का भुगतान

रायपुर, 8 दिसंबर 2020 : मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल आज राजधानी स्थित अपने निवास कार्यालय से छत्तीसगढ़ गोधन न्याय योजना के तहत 41 हजार 35 पशुपालक हितग्राहियों को गोबर खरीदी की 9वीं किश्त की राशि के रूप में पांच करोड़ 56 लाख रूपए की राशि का ऑनलाइन भुगतान किया। राज्य में इसे मिलाकर अब तक एक लाख 36 हजार गोबर विक्रेताओं को 59 करोड़ 8 लाख रूपए की राशि का भुगतान हो चुका है।

मुख्यमंत्री  बघेल ने कहा

 

मुख्यमंत्री  बघेल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश में गांवों की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने में गोधन न्याय योजना एक महत्वपूर्ण योजना है। इसके तहत बनाए गए गौठान गांवों में रोजगार के लिए महत्वपूर्ण केन्द्र साबित हो रहे है। यही वजह है कि सभी वर्ग के लोग इस योजना के प्रति विशेष रूचि दिखा रहे हैं और वे इससे जुड़कर तेजी से आय अर्जित करने लगे हैं।

मुख्यमंत्री  बघेल ने कहा कि गौठानों की समितियों सहित स्व-सहायता समूहों को कृषि महाविद्यालय और कृषि विज्ञान केन्द्रों से भी जोड़कर और अधिक सक्रिय तथा गतिशील बनाया जाए। गौठानों के स्वावलंबी होने पर उन्हें शासन से राशि की आवश्यकता नहीं होगी और वे अपनी गतिविधियों का समयबद्ध ढंग से संचालन कर अधिक से अधिक आय अर्जित कर पाएंगे।

मुख्यमंत्री  बघेल ने इस दौरान गौठानों में मवेशियों के चारा की पर्याप्त उपलब्धता के लिए पशुपालक कृषकों से पैरादान करने की अपील की है। उन्होंने गौठानों में गोबर की आवक और मवेशियों की संख्या के अनुपात में पर्याप्त मात्रा में वर्मी कम्पोस्ट टांके के निर्माण के लिए भी विशेष जोर दिया। उन्होंने गौठानों में कार्यरत् समितियों तथा स्व-सहायता समूहों को सुदृढ़ बनाने स्थानीय जरूरत तथा मांग के अनुरूप उन्हें व्यावसायिक गतिविधियों से जोड़कर उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करने के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए।

गोधन न्याय योजना

इस अवसर पर कृषि एवं जल संसाधन मंत्री  रविन्द्र चौबे ने गोधन न्याय योजना को ग्रामीणों के लिए महत्वपूर्ण बताया और कहा कि राज्य में गौठानों की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है। इससे पशुपालकों के साथ-साथ भूमिहीन गरीब परिवार भी लाभांन्वित होने लगे है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में 20 जुलाई से प्रारंभ गोधन न्याय योजना के तहत विगत 30 नवम्बर तक 6 हजार 430 गौठान स्थापित हो गए है, इनमें सक्रिय गौठानों की संख्या 3 हजार 785 है। इस दौरान गौठानों में 29 लाख 53 हजार क्विंटल गोबर की खरीदी में हितग्राहियों को 59 करोड़ 8 लाख रूपए की राशि का भुगतान हो चुका है।

इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टी.एस. सिंहदेव, लोक निर्माण मंत्री ताम्रध्वज साहू, वनमंत्री मोहम्मद अकबर, सहकारिता मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेंड़िया, राजस्व मंत्री  जयसिंह अग्रवाल, खाद्य मंत्री अमरजीत भगत, उद्योग मंत्री कवासी लखमा, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री गुरू रूद्रकुमार, उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल, छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष गिरीश देवांगन, राज्य खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष  रामगोपाल अग्रवाल, अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. एम. गीता, मुख्यमंत्री के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी, सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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