स्वच्छता सर्वेक्षण की निगम ने शुरू की तैयारी

रायपुर: स्वच्छता सर्वेक्षण 2018 से पूर्व साफ सफाई को लेकर निगम आयुक्त ने बुधवार को अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में मकानों के पुनर्निर्माण के दौरान निकले वेस्ट बिल्डिंग मटेरियलों के निपटारे को लेकर नाराजगी जाहिर की। आयुक्त रजत बंसल ने कहा कि, वार्ड के सुपरवाईजर और जोन अधिकारियों को अच्छी तरह से पता होता है कि किस मकान को तोड़ा जा रहा है। फिर वेस्ट बिल्डिंग मटेरियल मुक्कड तक कैसे पहुंच जाते हैं।
निगम के मुख्यालय भवन में सुबह 7 बजे से 10 बजे तक चली मैराथन बैठक में अपर आयुक्त आशीष टिकरिहा, स्वच्छ भारत मिशन के नोडल अधिकारी हरेन्द्र साहू सहित सभी जोनों के जोन कमिश्रर, कार्यपालन अभियंता और स्वास्थ्य अधिकारी मौजूद थे। बैठक के दौरान वेस्ट बिल्डिंग मटेरियल उठाने वाले ठेकेदार को भी बुलाया गया था। बैठक में ठेकेदार ने बताया कि लोगों को नियमानुसार निगम में पैसे जमाकर बिल्डिंग मटेरियल को उठाने के लिए कहना चाहिए। किंतु आमतौर पर देखा जाता है कि पैसा बचाने के लिए लोग वेस्ट मटेरियल को कहीं भी फिकवा देते हैं। जिस पर रजत बंसल अधिकारियों पर जमकर नाराज हुए। उन्होंने कहा कि वार्डों और जोनों की एक-एक गतिविधि की जानकारी होती है फिर यह चुक कैसे हो जाती है। ऐसे मटेरियल के निपटारे के लिए उन्होंने वार्ड और मोहल्ले स्तर पर जनसहयोग से टीम बनाने के भी निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि होटलों से निकलने वाले खाद्य पदार्थो के कचरे बदबूदार होते हैं। जिस वजह से उन्हें एसएलआरएम सेन्टर में ले जाकर खाद बनाना संभव नहीं है। ऐसे कचरे के निपटारे के लिए होटल वालों से कहा जाये कि अपने होटलों में वे कम्पोस्टिंग मशीन लगाकर उन्हें तत्काल खाद बनाने की कार्रवाई करें। कम्पोस्टिंग मशीन से खाद बनाने के दौरान बदबू आने की भी शिकायत नहीं रहती। छोटे होटलों से निकलने वाले खाद्य पदार्थ के निपटारे के लिए उन्होने कहा कि 8-10 होटल वाले मिलकर भी कम्पोस्टिंग मशीन लगा सकते हैं या फिर छोटी कम्पोस्टिंग मशीन का भी उपयोग किया जा सकता है।

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