बुढातालाब को बचाने सामने आया ‘सर्व आदिवासी समाज’

रायपुर : शहर के सबसे प्राचीन बुढातालाब के सौंदर्यीकरण को लेकर विरोध के स्वर उठने लगे है. सौंदर्यीकरण के नाम पर तालाब को पाटने और वहां स्थित मंदिर को क्षति पहुँचाने का सर्व आदिवासी समाज ने विरोध शुरू कर दिया है. सर्व आदिवासी समाज की अध्यक्ष जयलक्ष्मी ठाकुर ने सरकार पर आदिवासी समाज की आस्था के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है. अध्यक्ष का आरोप है की सरकार ने गुपचुप तरीके से बुढातालाब को एक कम्पनी को लिज़ पर देकर प्राचीन धरोहर को क्षति पहुँचाने का काम कर रही है. वहीँ समाज के उपाध्यक्ष बी.पी.एस नेताम ने भी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं. नेताम की माने तो सरकार ने आदिवासी समाज की आस्था को दरकिनार कर बुढातालाब का नाम बदलकर स्वामी विवेकानंद सरोवर कर दिया. आदिवासी समाज ने तालाब में हो रहे काम को रोकने की मांग की साथ ही आने वाले कुछ दिनों में काम नही रुकने पर उग्र आन्दोलन करने की चेतावनी दी है. आपको बता दें की पर्यटन मंडल तालाब को सुंदर बनाने 30 साल के लिए मुंबई की एक कम्पनी को लिज़ पर दे रही है. इस कम्पनी ने अपना काम भी शुरू कर दिया है जिसका शहर के अन्य सामाजिक संगठनों ने भी विरोध शुरू कर दिया है.
https://youtu.be/ooAnMlHX01Y

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