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सचिन पायलट और उनके बागी 18 विधायकों पर राजस्थान हाईकोर्ट ने सुनवाई आज

विधानसभा स्पीकर को जवाब भी देंगे सभी कांग्रेस के बाकी विधायक

जयपुर: राजस्थान हाईकोर्ट सचिन पायलट और गहलोत सरकार के बागी 18 विधायकों को स्पीकर से मिले नोटिस पर आज सुनवाई करेगी. माना जा रहा है कि कोर्ट इस मामले में आज फैसला सुना सकती है. हाईकोर्ट ने पहले ही विधायकों के खिलाफ विधानसभा स्पीकर की तरफ से किसी भी कार्रवाई पर 21 जुलाई तक के लिए रोक लगा दी थी.

सभी कांग्रेस के बाकी विधायकों को विधानसभा स्पीकर को जवाब भी देना है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बुधवार को विधानसभा का सत्र बुला सकते हैं. इससे पहले समझ लीजिए कि यदि फ्लोर टेस्ट की नौबत आती है, तो क्या पायलट बीजेपी के साथ मिलकर अशोक गहलोत सरकार गिराने में सफल हो पाएंगे. इस पर संशय बरकरार है.

अयोग्यता नोटिस को चुनौती

सुनवाई सुबह 10.30 बजे शुरु होगी. इस याचिका में विधानसभा अध्यक्ष द्वारा उन्हें भेजे गए अयोग्यता नोटिस को चुनौती दी गई है. आज बागी विधायकों की तरफ से मुकुल रोहतगी बहस करेंगे. सोमवार को बागी विधायकों की तरफ से हरीश साल्वे ने अपनी दलीलें रखी थी.

इससे पहले सोमवार को विधानसभा अध्यक्ष की तरफ से पेश हुए वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील दी कि याचिका अपरिपक्व है क्योंकि सदन से विधायकों को अयोग्य ठहराये जाने पर फैसला लिया जाना अभी बाकी है.

उन्होंने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस पर अदालत के हस्तक्षेप की कोई गुंजाइश नहीं है. कांग्रेस की प्रदेश इकाई में मची खींचतान के बीच पायलट खेमा शुक्रवार को अदालत पहुंचा था. चीफ जस्टिस इंद्रजीत महंती और जस्टिस प्रकाश गुप्ता ने शुक्रवार को सुनवाई की थी और दलीलें सुनी थीं.

कोर्ट ने शुक्रवार को असंतुष्ट विधायकों के वकील हरीश साल्वे की दलीलें सुनी थीं. कोर्ट की कार्यवाही सोमवार सुबह शुरू हुई और लंच के बाद शाम तक चली. पार्टी व्हिप की अवज्ञा करने को लेकर विधायकों को राजस्थान विधानसभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित करने के लिये पार्टी द्वारा विधानसभा अध्यक्ष से शिकायत किये जाने के बाद यह नोटिस विधायकों को जारी किया गया था. पायलट खेमे की हालांकि दलील है कि पार्टी का व्हिप तभी लागू होता है जब विधानसभा का सत्र चल रहा हो.

पायलट को मनाने की कोशिशें जारी

एक तरफ कांग्रेस के दो गुटों में ही कानूनी लड़ाई चल रही है, तो दूसरी ओर सचिन पायलट को वापस लाने की कोशिशें भी जारी हैं. रविवार को फिर प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए रणदीप सिंह सुरजेवाला ने सचिन पायलट को वापस आकर, घर में चर्चा करने की बात कही.

दूसरी ओर अशोक गहलोत अपना किला मजबूत करने में लगे हुए हैं और उन्हें अब बीटीपी के विधायकों का साथ मिला है, जिसके बाद उन्होंने राज्यपाल से मुलाकात भी की. खबर है कि विधानसभा का सत्र भी जल्द शुरू हो सकता है, लेकिन अभी बीजेपी ये तय नहीं कर पाई है कि वो अविश्वास प्रस्ताव लाएगी या नहीं.

जांच को लेकर भी जंग जारी है

इस राजनीतिक उठापटक के बीच कथित ऑडियो टेप मामले में राजस्थान की SOG की टीम अपनी जांच शुरू कर चुकी है. इस मामले में वो ऑडियो सैंपल लेने मानेसर के होटल में भी पहुंचे, जहां पायलट गुट के विधायक हैं. हालांकि, टीम को कोई सफलता हाथ नहीं लगी.

दूसरी ओर बीजेपी ने राजस्थान सरकार पर फोन टैपिंग का आरोप लगाया है तो अब केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से एक रिपोर्ट तलब की गई है, जिसमें फोन टैपिंग को लेकर सवाल हैं. बीजेपी ने फोन टैपिंग को कांग्रेस की अंदरूनी साजिश बताते हुए मामले की सीबीआई जांच की मांग भी की है.

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