मितानीन कार्यक्रम मोबाईल ऐप जीपीएस लोकेशन का राजेश यादव ने किया विरोध

अरविन्द शर्मा:

पूर्व स्वास्थ्य मंत्री अजय चंद्राकर व नेता प्रतिपक्ष धरम लाल कौशिक के माध्यम से विधानसभा में उठाएगा मुद्दा

मितानीन कार्यक्रम में अधिकाश महिलाएं काम करती हैं लोकेशन से गम्भीर अप्रिय घटना होने की आशंका

कोरबा: कोरबा भाजपा प्रदेश कार्यक्रम योजना प्रभारी झुझोप राजेश यादव नेझुग्गी झोपड़ी में काम करने वाले मितानिनों के ब्लाक समन्वयक, प्रेरको तथा स्वास्थ्य पंचायत समन्वयक का लोकेशन ऐप के माध्यम से रिपोर्ट भेजने को निरस्त करने,टी ए,डी ए, भविष्य निधि व सम्मान जनक क्षति पूर्ति देने की मांग की है।

ज्ञात हो कि संचालनालय स्वास्थ्य सेवाए छत्तीसगढ़ इंद्रावती भवन नवा रायपुर अटल नगर द्वारा आदेश जारी पत्र क्रमांक /341/DHS/16/दिनाँक 05/06/2021 को मितानीन प्रशिक्षकों,ब्लाक समन्वयकों व स्वास्थ्य पंचायत समन्वयकों द्वारा रिपोर्ट व कार्य लोकेशन मोबाइल ऐप के माध्यम से भेजने का निंदा किया है प्रदेश की मितानिन कार्यक्रम के अंतर्गत कार्यरत मितानिन प्रशिक्षकों खंड व जिला स्तरीय समन्वयको हेल्प डेस्क फैसिलिटेरो के कार्य के प्रतिवेदन व लोकेशन सुगमता से प्राप्त करने हेतु राज्य स्वास्थ्य संसाधन केंद्र के माध्यम से एक मोबाइल ऐप तैयार की गई है उपरोक्त ऐप के माध्यम से मितानिन द्वारा किए जा रहे कार्य की रिपोर्ट मितानिन प्रशिक्षकों के माध्यम से बिना विलंब से प्राप्त हो पाएगी साथ ही कार्यक्रम के मानव संसाधनों के कार्य की बेहतर निगरानी व प्लानिंग की जा सकेगी जून 2021 से मितानिन कार्यक्रम के तहत सभी मितानिन प्रशिक्षक खंड व जिला स्तरीय समन्वय व हेल्प डेक्स फैसिलिटेटर द्वारा उपरोक्त ऐप के माध्यम से नियमित रिपोर्ट व जीपीएस लोकेशन अनिवार्य रूप से भेजा जाना है।

शीघ्र ही मोबाइल ऐप से प्राप्त प्रतिवेदन देखने हेतु लिंक जिलों को राज्य स्वास्थ्य संसाधन केंद्र के माध्यम से प्रदान किया जाएगा। ऐसा पत्र संस्थाएं द्वारा जारी किया गया है। उपरोक्त पत्र का भाजपा नेता ने एक सिरे से खारिज करते हुए सीधा विरोध किया है।

मितानीन कार्यक्रम में शत- प्रतिशत महिलाएं काम करती हैं क्या लोकेशन ऐप नियम बनाने से पहले संचालनालय ने इस ओर विचार किया है महिलाओं का लोकेशन से कोई भी गंभीर वारदात हो सकती है क्या संचालनालय इसकी जिम्मेदारी लेगी?इनको भविष्य निधि, सम्मान जनक राशि उपलब्ध,मितानिनों को 100% राज्यांश, मितानीन प्रेरको को ब्लाक समन्यवको एवं स्वास्थ्य पंचायत समन्वयकों को टी ए, डी ए सम्मान जनक क्षति पूर्ति, मोबाईल खर्च के साथ इनका बीमा मिले।

स्वास्थ्य सेवाएं संचालनालय इनके ऊपर मोबाइल ऐप क्यो लाद रही है। मितानिनों कार्यक्रम को अधिकारियों द्वारा हल्का में लिया जाता है गलती किसी का हो मितानिनों को निकालने का अधिकारियों द्वारा धमकी दी जाती है कितने एस डी एम(राजस्व) को यह मालूम नही होता है कि मितानीन कार्यक्रम स्वंय सेवी संस्था है मितानिनों को नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती है।मितानिनों को 100% राज्यांश राशि मिलना चाहिए।

कोरोना काल में कोरोना मरीजों का सर्वे टीम बना था जिसमें पटवारी, शिक्षक, आंगन बाड़ी कार्यकर्ता, कोटवार तथा मितानिनों का बना था जिसमे सबसे अधिक मितानिनों ने सक्रियता के साथ काम किये हैं। इस टीम के बहुत से कर्मचारी गायब रहते थे। यहां यह बताना लाजिमी होगा कि मितानिनों को न तो वेतन मिलता है न ही भविष्य निधि कटता है। न ही किसी प्रकार का इनका बीमा है।सिर्फ इनका मजदूरों की तरह काम लिया जाता है।हमेशा मितानिनों को अपमानित महसूस होता है।

मितानीन के परिवार के लोग जो भारतीय बीमा,आयुर्वेद चिकित्सा व अन्य प्राइवेट कम्पनी में काम करते हैं उन्हें बन्द करने हेतु विभाग के द्वारा मौखिक रूप से निर्देशित किया जाता है।मितानिनों का कार्य मलीन बस्ती,पारा, टोला,झुग्गी झोपड़ी में स्वास्थ्य सम्बन्धी जानकारी व सहयोग करना होता है किंतु इनका दुरुपयोग विभाग द्वारा किया जाता है।छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव द्वारा सज्ञान न लेना समझ से परे है।

उपरोक्त सभी विषयो पर छत्तीसगढ़ शासन तत्काल कार्यवाही करे।

भाजपा नेता श्री यादव ने बतलाया कि उपरोक्त सभी विषयों पर दस्तावेज को पूर्व स्वास्थ्य मंत्री अजय चंद्राकर जी,नेता प्रतिपक्ष धरम लाल कौशिक जी के माध्यम से विधानसभा में मामले को उठाया जायगा।

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