‘लाल आंतक’ जिसके नाम से कांपने थे, ऐसे काबिल जवान राजू कुरेटि नही रहे

- विजय पचौरी

बीजापुर। छत्तीसगढ़ का एक ऐसा जाबांज पुलिस अधिकारी, जिसके जंगल में प्रवेश करते ही नक्सली रास्ता बदल दिया करते थे। जिसका नाम सुनते ही ‘लाल आंतक’ के हथियार कांपने लगते थे। जिसने जंग में 20 से अधिक नक्सलियों को मार गिराया, जिसके नाम मेडल, जिसके नाम विभाग की शोहरत थी, वो बीमारी से लड़ाई लड़ते-लड़ते हार गया।

बीजापुर के बहादुर थानेदार राजू कुरेटि का देहांत हो गया है। पोस्टिंग के बाद से जिले में नक्सलवाद से जंग लड़ते-लड़ते बीजापुर का यह बहादुर थानेदार अपनी जिंदगी की ही जंग हार गया। मंगलवार को बीमारी की वजह से निरीक्षक राजू कुरेटि की चारामा में मौत हो गई। जाते-जाते बीजापुर डीआरजी का यह अधिकारी जवानों के लिए बहादुरी का मिसाल बन गया है। 

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