राष्ट्रीय

राम मंदिर नहीं तो राम की मूर्ति ही बनवाएगी बीजेपी अयोध्या में

उत्तर प्रदेश सरकार स्वास्थ्य मंत्री और प्रवक्ता सिद्धार्थनाथ सिंह ने कुछ दिन पहले ही कहा था कि 2019 के लोकसभा चुनाव के पहले ही अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हो जाएगा. सिद्धार्थनाथ की तरफ से की गई यह भविष्यवाणी सरकार के फैसले पर आधारित नहीं थी, बल्कि स्वामी ब्रम्हयोगानंद की भविष्यवाणी पर ही आधारित थी जिसमें उन्होंने अगले लोकसभा चुनाव से पहले भव्य राम मंदिर बन जाने की बात कही है.

राम जन्म भूमि के बजाए अयोध्या में ही सरयू तट पर राम की प्रतिमा बनाने की पहल कर बीजेपी राम की विरासत और राम भक्तों को अपने साथ लाने की कवायद में है. शायद इस उम्मीद में कि कहीं राम भक्तों को लगे कि राम के नाम पर आंदोलन चला रही पार्टी और सूबे के भगवाधारी मुख्यमंत्री योगी ने कुछ तो किया.
बीजेपी सरकार की तरफ से राम की नगरी अयोध्या को चर्चा के मुख्य केंद्र में लाने की कोशिश हो रही है. दीवाली के एक दिन पहले अयोध्या में दिवाली का त्योहार मनाया जाना इस बात का प्रतीक है.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल समेत प्रदेश के कई मंत्री इस दिन अयोध्या में ही मौजूद रहेंगे इसके अलावा अयोध्या में सरयू नदी के ही तट पर राम कथा गैलरी भी बनाने की तैयारीहै. कोशिश अयोध्या में राम के नाम पर कुछ करने की है.

बीजेपी की महापुरुषों की विरासत पर नजर

केवल राम ही नहीं, बीजेपी की सभी महापुरुषों की विरासत पर नजर है. राम तो आस्था के प्रतीक हैं. राम तो ईश्वर हैं और करोड़ों लोगों की आस्था के प्रतीक हैं.
लेकिन, बीजेपी गांधी से लेकर अंबेडकर तक, सरदार पटेल से लेकर वीर शिवाजी तक इन सभी महापुरुषों की विरासत के असली दावेदार के तौर पर अपने-आप को उभारने की कोशिश कर रही है. संघ परिवार और बीजेपी की सोची समझी रणनीति के तहत ही लगातार इस तरह की प्रतिमाएं बनाकर इन महापुरुषों के विचार को अपनाने की बात कही जा रही है.

Summary
Review Date
Reviewed Item
बीजेपी अयोध्या
Author Rating
51star1star1star1star1star
Tags

Related Articles

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *