रमन केबिनेट ने बढाई ऊर्जा नीति की वैधता

रायपुर:  मंगलवार को मंत्रालय में मंत्रिपरिषद की बैठक हुई, इसमें वर्ष 2002 में जारी ऊर्जा नीति की वैधता को 31 मार्च 2027 तक बढ़ाया गया है। इसकी वैधता 31 मार्च को इसी वर्ष समाप्त हो गई थी। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने की।
उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि विगत कुछ वर्षों में सौर ऊर्जा के क्षेत्र में तकनीकी बदलाव हुए हैं। लागत व्यय में कमी आयी है तथा अपरम्परागत स्रोत आधारित बिजली खरीदी की अनिवार्यता के लिए विनियमों में परिवर्तन हुआ है। इसे ध्यान में रखकर आगामी दस वर्ष में इस क्षेत्र में निवेश की बहुत अधिक संभावनाओं को देखते हुए छत्तीसगढ़ में नई सौर ऊर्जा नीति की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
इस नीति के मुख्य प्रावधान के अनुसार कोई भी व्यक्ति, पंजीकृत व्यक्ति, केन्द्रीय और राज्य विद्युत उत्पादन और वितरण कम्पनियां, सार्वजनिक अथवा निजी क्षेत्र के सौर बिजली परियोजना विकासकर्ता तथा इन परियोजनाओं से संबंधित उपकरणों के निर्माणकर्ता और सहायक उद्योग इसके पात्र होंगे। चाहे वे समय-समय पर यथा संशोधित विद्युत अधिनियम 2003 के अनुशरण में सौर ऊर्जा रियोजनाओं का संचालन केप्टिव उपयोग अथवा बिजली विक्रय के उद्देश्य से कर रहे हैं।

00 क्या-क्या होंगे इसके फायदे :
नई सौर ऊर्जा नीति (2017-27) के तहत् 10 किलोवॉट तक के रूफ टॉप, सोलर पॉवर प्लांट को ग्रिड कनेक्टिविटी की सुविधा दी जाएगी। प्रत्येक सौर ऊर्जा विद्युत परियोजना द्वारा संयंत्र की स्वयं की खपत और राज्य के भीतर की गई कैप्टिव खपत पर विद्युत शुल्क से भुगतान की छूट मिलेगी। यह छूट सौर ऊर्जा नीति के तहत मार्च 2027 तक स्थापित होने वाली परियोजनाओं को मिलेगी। छत्तीसगढ़ राज्य द्वारा समय-समय पर अधिसूचित औद्योगिक नीति के तहत अपरम्परागत स्रोत आधारित बिजली संयंत्रों को प्राप्त होने वाली सुविधाओं की पात्रता होगी।

00 कैबिनेट के दूसरे फैसले :
इसी तरह भण्डार क्रय नियम 2002 में संशोधन प्रस्ताव का अनुमोदन हुआ। छत्तीसगढ़ शासन भंडार क्रय नियम 2002 में संशोधन के लिए वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। भारत सरकार के डीजी एस एण्ड डी द्वारा संचालित जेम का उपयोग छत्तीसगढ़ सरकार के विभागों द्वारा करने के लिए यह संशोधन अनुमोदित किया गया।
इलेक्ट्रॉनिक सामग्री खरीदी के लिए भण्डार क्रय नियम में संशोधन किया गया। शासकीय विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों, मण्डलों, जिला और जनपद पंचायतों तथा नगरीय निकायों में इलेक्ट्रॉनिक सामग्री की खरीदी के लिए छत्तीसगढ़ शासन भण्डार क्रय नियम 2002 में संशोधन के लिए वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। इसके अनुसार इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी से संबंधित सामग्री खरीदने के लिए संबंधित नीति, नियम एवं प्रक्रिया तथा आवश्यक होने पर दर निर्धारण का कार्य इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा किया जाएगा। इसके लिए सामग्री की सूची का निर्धारण इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा भण्डार क्रय नियम के अनुसार किया जाएगा।

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