डेंगू जैसी जानलेवा बीमारी पर भी रमन सरकार बेपरवाह – संजीव अग्रवाल

रायपुर : जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के प्रवक्ता व मीडिया समन्वयक संजीव अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ राज्य में डेंगू की बीमारी के कारण होने वाले नुकसान और लोगों की मौतों पर दुख जताते हुए सरकार पर अपना रोष व्यक्त किया है और कहा है की हर मोर्चे की तरह की भारतीय जनता पार्टी की रमन सरकार स्वास्थ्य को लेकर भी बहुत ही बेपरवाह दिखाई पड़ती है। सरकार को छत्तीसगढ़ वासियों के स्वास्थ्य से कोई लेना देना नहीं है बल्कि केवल अपनी चुनावी रोटियाँ सेंकने में व्यस्त है। सरकार, जनता का पैसा प्राथमिक और आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाओं पर खर्च करने के बजाय मोबाइल बांटने और सैर-सपाटे के साथ भारतीय जनता पार्टी की चुनावी यात्रा, जिसे विकास यात्रा कहा जा रहा है उस पर खर्च कर रही है।

संजीव अग्रवाल ने कहा कि, छत्तीसगढ़ में डेंगू अपना भयावह रूप ले चुका है जिसकी चपेट में आने वाले मरीज़ों की तादाद लगातार बढ़ती जा रही है। वहीं इलाज के दौरान भी कई की जान जाने का सिलसिला बरकरार है। डेंगू अब भिलाई के बाद रायपुर में भी पाँव पसार चुका है। राजधानी के जिला कोषालय कार्यालय के 6 कर्मचारियों में डेंगू के लक्षण पाए गए, जिसके बाद इन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया है। रायपुर में डेंगू के दस्तक से शहर में दहशत का माहौल है। डेंगू से अब तक छत्तीसगढ़ के भिलाई में 8 बच्चों समेत 18 मरीज़ों की मौत हो चुकी है। जिला कोषालय कार्यालय के 6 कर्मचारियों के डेंगू से ग्रसित होने पर कर्मचारी संघ ने छत्तीसगढ़ की रमन सरकार के स्वास्थ्य विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है। संघ का कहना है कि डेंगू के रोकथाम के लिए विभाग गंभीर नहीं है और न ही रोकथाम के उपाय किए जा रहे हैं। रोकथाम के लिए की जा रही कार्रवाई संतोषजनक नहीं है। संघ ने ज्ञापन सौंपते हुए साफ-सफाई और समुचित इलाज की व्यवस्था के लिए कार्यवाही किए जाने की मांग की है। विभाग द्वारा डेंगू के रोकथाम के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाने पर सभी कर्मचारियों ने एक साथ छुट्टी लेने की चेतावनी दी है।

आगे जोगी प्रवक्ता ने बताया कि इससे पहले गुरुवार को भिलाई के खुर्सीपार में 12 घंटे के भीतर तीन बच्चों समेत चार लोगों की डेंगू से मौत जाने से शहर में हड़कंप मच गया है। बुधवार देर रात दो बालक व एक युवक की मौत हो गई है। उसके बाद गुरुवार दोपहर को एक बच्ची ने दम तोड़ दिया और कल भी 27 वर्षीय एक दुर्ग की युवती ने डेंगू की बीमारी के कारण दम तोड़ दिया। डेंगू से दस दिन के भीतर शहर में 18 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि शहर में अब तक डेंगू के 1000 से अधिक मरीज़ सामने आ चुके हैं। साढ़े तीन सौ से अधिक पीड़ितों का अलग-अलग अस्पतालों में उपचार चल रहा है। सरकारी की जगह निजी हॉस्पिटलों में डेंगू मरीज़ों की ख़ासी भीड़ है।

भिलाई का जिक्र करते हुए संजीव अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ का ‘मिनी इंडिया’ कहा जाने वाला भिलाई इस समय डेंगू से थर्राया हुआ है। शहर में डेंगू के मरीज़ लगातार बढ़ रहे हैं। बीते 20 घंटों में यहां डेंगू से पीड़ित पांच लोगों की मौत हो गई। इसके साथ ही डेंगू से मौतों का आंकड़ा 18 तक पहुंच गया है। इस्पात संयंत्र में आए तीन चीनी नागरिक भी डेंगू की चपेट में हैं। भिलाई के अलग-अलग अस्पतालों में 200 से ज्यादा डेंगू पीड़ित लोग इलाज करा रहे हैं, जबकि 270 से अधिक डेंगू संदिग्ध मरीज़ भी पाए गए हैं। रायपुर के रामकृष्ण अस्पताल में भी 40 से अधिक डेंगू के मरीज भर्ती हुए हैं। दुर्ग के एडीएम संजय अग्रवाल ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य जारी है। भिलाई इस्पात संयंत्र के एक प्रोजेक्ट के सिलसिले में चीन से आए तीन नागरिक भी डेंगू की चपेट में हैं। तीनों चीनी नागरिकों का रायपुर के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। उन्हें डेंगू की पुष्टि होने पर गुरुवार की रात रायपुर के अस्पताल में इलाज के लिए भीतर कराया गया।
उन्होंने बताया कि भिलाई स्टील प्लांट के स्टील मेल्टिंग शॉप में काम के लिए दस चीनी इंजीनियरों की टीम भिलाई में रह रही है। भिलाई के सूयार विहार में टीम ठहरी हुई है, इनमें से तीन को डेंगू हो गया है। भिलाई में 30 जुलाई से अब तक डेंगू से 18 लोगों की मौत हो चुकी है। डेढ़ साल से सफाई ठेका न होने के कारण गंदगी की भरमार है। खुसीर्पार का इलाक़ा डेंगू से सबसे ज्यादा प्रभावित है। घनी आबादी वाले इस क्षेत्र में नालियां तो हैं, लेकिन निकासी की व्यवस्था नहीं है।

संजीव अग्रवाल ने बताया कि डेंगू के ज्यादा मरीज भिलाई इस्पात संयंत्र के टाउन-शिप एरिया में मिले हैं। ऐसे में संयंत्र प्रबंधन ने भी डेंगू से बचाव के लिए कवायद शुरू कर दी है। लोगों को भी सावधानी बरतने के लिए कहा गया है। डेंगू का प्रकोप भिलाई के साथ ही कोरिया जिले में भी बढ़ रहा है। यहां अब तक दो लोगों की मौत हो चुकी है। ताज़ा मामला बैकुंठपुर के खरवत का है। यहां शुक्रवार को 11वीं क्लास की एक छात्रा की डेंगू से मौत हो गई। छात्रा को रायपुर इलाज के लिए लाया गया था। इससे पहले कोरबा निवासी एक युवक की डेंगू से मौत हो गई थी। कोरिया जिले के भी 2 लोगों की मौत डेंगू के कारण हो चुकी हैं यहाँ तक कि मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ने भी कोई दौरा नहीं किया है जबकि झूठी विकास यात्रा के नाम पर पूरे प्रदेश में दौरे किए जा रहे हैं।
संजीव अग्रवाल ने पूछा है कि क्या मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री डेंगू के कारण डर के मारे प्रभावित क्षेत्रों का दौरा नहीं कर रहे हैं?

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