Rape Crisis Cell: नाबालिग रेप पीड़िता को दिलवाया 7.5 लाख का मुआवजा

नई दिल्ली: दिल्ली महिला आयोग की रेप क्राइसिस सेल की वकील शबनम खान ने एक 11 साल की रेप पीड़िता बच्ची को 7.5 लाख रुपए मुआवजा दिलाने में मदद की है. इस बच्ची के साथ उसके सौतेले बाप ने ही रेप किया था. यह घटना 2014 की है. लेकिन इस केस में 13 अक्टूबर, 2017 को दोषी पिता को सजा हुई है. दोषी को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है.

पूर्वी दिल्ली के कड़कड़डूमा कोर्ट में पोक्सो जज गुरदीप सिंह की कोर्ट में यह केस चल रहा था. आरोपी पिता गुब्बारे बेचने का काम करता था. उसके इस बच्ची सहित तीन बच्चे थे. रेप पीड़िता के अपने पिता की मौत हो गई थी. जिसके बाद उसकी मां ने एक शख्स से शादी कर ली थी, जोकि उसका सौतला बाप था. जब बच्ची के साथ यह घटना हुई, उस समय बच्ची की उम्र 11 साल थी और वह 6 कक्षा में पढ़ती थी. पीड़िता की मां घरेलू सहायिका का काम करती है. इस केस में पहले एक लाख रुपए आंतरिक मुआवजा दिया जा चुका है, शेष मुआवजा अब दिया जाएगा.

दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति जय हिंद ने कहा कि ऐसे घिनोने अपराध के लिए दोषी को उम्र कैद की सही सजा दी गई है. इससे समाज में संदेश जाता है कि इस तरह के जघन्य अपराध करने वालों को सख्त से सख्त सजा दी जाएगी. उन्होंने कहा कि आयोग की रेप क्राइसिस सेल के सभी 22 वकील दिल्ली की अलग-अलग कोर्ट में काम कर रही हैं और रेप पीड़िताओं की मदद कर रही हैं. विशेषतौर पर नाबालिग रेप पीड़िताओं को मुआवजा दिलाने के लिए आरसीसी की वकील काफी अच्छा काम कर रही हैं.

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