मलेरिया कीे रोकथाम के लिए रैपीड फीवर सर्वे अभियान

जगदलपुर: मलेरिया की रोकथाम के लिए इस वर्ष बस्तर जिले की वार्षिक परजीवी सूचकांक को 5 प्रति हजार लाने का लक्ष्य रखा गया है। जिसके लिए मार्च, अपै्रल एवं मई 2019 में जिले के सातों विकासखण्डों के ऐसे ग्राम जहां परजीवी सूचकांक 10 प्रति हजार से अधिक है वहां ’’रैपीड फीवर सर्वे अभियान’’ चलाया जावेगा।

वर्तमान में विकासखण्ड बास्तानार में 37.36 एवं दरभा में 27.73 वार्षिक परजीवी सूचकांक है जो बस्तर जिले में सबसे अधिक है। बस्तर कलेक्टर डॉ. अय्याज तम्बोली ने मलेरिया कीे रोकथाम के लिए सभी आवश्यक कार्यवाई करने के साथ ही जनजागरुकता को बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

बस्तर जिले का वातावरण एवं भौगोलिक स्थिति मच्छरों के पनपने में सहयोग करती है इसलिए जिले में मलेरिया का संक्रमण वर्ष भर रहता है। मलेरिया रोग पर नियंत्रण हेतु विभाग द्वारा नियमित रूप से रोगियों की त्वरित खोज, जाचं एवं पूर्ण उपचार का कार्य, परिवार भ्रमण के दौरान मच्छरदानियों के उपयोग एवं रखरखाव की जानकारी मैदानी कर्मचारियों द्वारा दी जाती है।

वर्ष 2018 में ’’स्वास्थ्य रथ’’ के माध्यम से स्थानीय बोली में मलेरिया एवं अन्य वेक्टर जनित रोगों से बचाव हेतु सामूहिक जन जागरूकता अभियान चलाया गया था इन सब कारणों से वार्षिक परीजीवी सूचकांक 16 प्रति हजार से घटकर वर्तमान में 8 प्रति हजार हो गई है। वर्ष 2012 में 219900 दवा लेपित कीटनाशी मच्छरदानी बस्तर जिले के सम्पूर्ण ग्रामों में वितरित किया गया था। अभियान के संबंध में डॉ. देवेन्द्र नाग, मुख्य चिकित्सा एंव स्वास्थ्य अधिकारी जगदलपुर द्वारा जानकारी दी गई कि अभियान के सफल क्रियान्वयन हेतु ग्राम वार रोस्टर तैयार कर लिया गया है।

जिसके तहत जिले में कुल 165 उप स्वास्थ्य केन्द्रों के 458 ग्रामों के 112630 परिवारों से गृह भेंट कर ’’रैपीड फीवर सर्वे ’’ का कार्य किया जाएगा। रैपीड फीवर सर्वे के दौरान स्थानीय स्वास्थ्य कर्मचारी, मितानिनों द्वारा बुखार से पीडित मरीजों की खोज कर रक्तपट्टी तैयार की जाएगी एवं सकारात्मक रोगियों का उपचार किया जाएगा। इस अभियान में स्थानीय सिरहा गुनियाओं को भी जोड़ कर उनसे बुखार से पीडित रोगियों को नजदीक के अस्पताल भेजने हेतु सहयोग लिया जाएगा। इस हेतु माह जून 2019 में ’’सिरहा गुनिया सम्मलेन’’ किया जाएगा।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग जिला बस्तर इस अभियान में सभी से सहयोग की अपील की गई है कि यदि आस-पास कोई भी व्यक्ति बुखार से पीड़ित है तो उसे तुरंत नजदीक के अस्पताल भेजें एवं बस्तर को मलेरिया मुक्त बनाने में अपनी भागीदारी निभाएं।

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