हामिद अंसारी की पत्नी सलमा के मदरसे के पानी में चूहे मारने वाली दवा

आगरा. पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी की पत्नी सलमा अंसारी द्वारा चलाए जा रहे मदरसे के पानी में चूहे मारने वाली दवा मिलाए जाने का मामला सामने आया है। इसमें कुछ अज्ञात लोगों का हाथ बताया जा रहा है। घटना अलीगढ़ स्थित चाचा नेहरू मदरसा की है, जहां करीब 4000 बच्चे पढ़ने आते हैं। इस संस्था को अल नूर चैरिटेबल सोसायटी द्वारा चलाया जा रहा है, जिसकी चेयरपर्सन पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी की पत्नी हैं।

पुलिस ने दो अज्ञात लोगों के खिलाफ धारा 328 और धारा 506 के तहत केस दर्ज किया है। सलमा अंसारी ने टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया। साथ ही उन्होंने मदरसा के वॉर्डन से पुलिस में शिकायत दर्ज करने को कहा। सलमा ने बताया, ‘इस घटना के बाद हमने इस 18 साल पुरानी संस्था में सीसीटीवी कैमरे लगाने का निर्णय लिया है ताकि आगे सावधानी बरती जा सके।’

अलीगढ़ पुलिस के वरिष्ठ अधीक्षक राजेश पांडेय ने बताया, ‘संयोग से एक छात्र ने उन दो संदिग्धों को घटना के वक्त देख लिया और वॉर्डन को अलर्ट किया। हमने पानी के सैंपल एकत्र कर लिए हैं जो फरेंसिक जांच के लिए शनिवार 16 सितंबर को भेज दिए गए हैं। घटना के बारे में जानकारी देते हुए मदरसे के वॉर्डन जुनैद सिद्दिकी ने बताया, ‘मोहम्मद अफजल नाम के छात्र ने इस घटना की जानकारी मुझे दी। वह यहां हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रहा है। बीते शुक्रवार की शाम जब वह पानी पीने गया तो उस दौरान उसने दो लोगों को पानी के टैंक में कुछ गोलियां मिलाते हुए देखा। यह पूछने पर कि आप लोग यह क्या कर रहे हैं, मदरसे की चारदीवारी पर बैठे एक दूसरे व्यक्ति ने उसे चुप रहने को कहा। उस व्यक्ति के पास देसी कट्टा मौजूद था।’

दोनों के जाने के बाद छात्र ने वहां पड़े चूहे मारने वाली दवा के रैपर को देखा और वॉर्डन को अलर्ट कर किया। इसके साथ ही उस क्षेत्र की तुरंत घेराबंदी करके सप्लाई बंद कर दी गई और छात्रों को चेतावनी जारी कर मदरसे के दूसरे टैंक से पानी पीने को कहा गया।

वहीं अलीगढ़ के जेएन मेडिकल कॉलेज के सीएमओ डॉ. एहतिशाम अहमद ने कहा कि चूहे की दवा व्यक्ति के लिए तब तक घातक नहीं होती जब तक उसे स्कन्दनरोधी(anticoagulant) के साथ न मिलाया जाए। स्कन्दनरोधक खून का धक्का बनने से रोकता है, यह छात्रों को बीमार बना सकता था।

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